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UP: काली कमाई से भरती है पुलिसवालों की जेब, अधिकतर थानों में ऐसे चलता है कोई न कोई अवैध कारोबार

Sat, 19 May 2018 12:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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घूस
ग्रेटर नोएडा में वसूली के रुपयों को लेकर हुए विवाद के बाद डीजीपी तक पहुंची सूची सही है या साजिश। इससे पर्दा पुलिस की जांच के बाद उठेगा, लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि अगर किसी थाना या चौकी क्षेत्र में अवैध कारोबार व गोरखधंधा चल रहा है तो ये  पुलिस की लापरवाही या फिर वसूलीबाज पुलिसकर्मियों की शह का नतीजा है।
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up police recovery - फोटो : अमर उजाला
देहात क्षेत्र के अधिकांश थाना क्षेत्र किसी न किसी गोरखधंधे को लेकर अक्सर चर्चा में आते रहे हैं। जिले में ईमानदार छवि वाले कुछ अफसरों की तैनाती के बावजूद इन गोरखधंधों पर पूरी तरह लगाम न लग पाना कहीं न कहीं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। गौतमबुद्ध नगर ठगी व गोरखधंधों का गढ़ रहा है। यहां सरिया, अवैध खनन, हरियाणा की शराब तस्करी लंबे समय से अवैध कारोबार होते रहे हैं।
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यूपी पुलिस का वसूली रेट कार्ड - फोटो : अमर उजाला
हाल के कुछ वर्षो में जिले के हाइटेक होने के साथ यहां अवैध कामों की संख्या व तरीकों में भी बढ़ोतरी हुई है। नौकरी, लोन, प्लाट व फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी की दुकानों की यहां भरमार हैं। यहां स्पा की आड़ में देह व्यापार करने की भी जानकारी मिलने लगी हैं। बड़ी संख्या में जिले में कॉल सेंटर और स्पा आदि खुल चुके हैं। इनमें कितने नियमों का पालन कर रहे हैं और कितने अनैतिक हैं, इसकी जानकारी न तो पुलिस के पास मिलेगी और न ही प्रशासन के पास। एजुकेशन हब होने के कारण यहां नशे का गोरखधंधा भी खूब फल-फूल रहा है।

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यूपी पुलिस का वसूली रेट कार्ड - फोटो : अमर उजाला
शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे के सौदागर गांजा आदि की बिक्री करते हैं। देहात क्षेत्र की बात करें तो वहां मिलावटखोरी और तस्करी की शराब बिक्री का धंधा पुलिस-प्रशासन के तमाम दावे और कार्रवाई के बावजूद बंद होने का नाम नहीं लेता।
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corrupt police
पहले भी सामने आई है थाने के ठेकेदारों की लड़ाई करीब डेढ़ साल पिछली सरकार के कार्यकाल में पहले भी एक पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह खुलकर थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों के वसूली करने की जानकारी दे रहा था। वह यह भी बता रहा था कि कितने रुपये कहां से आते हैं और कहां जाते हैं और किस पर ठेकेदारी का जिम्मा है। सत्ता परिवर्तन के बाद अधिकांश ऐसे संदिग्ध पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए थे, लेकिन यह काम पूरी तरह नहीं हो पाया और कुछ नए पुलिसकर्मी भी इसमें शामिल हो गए।
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up police
किस थाना क्षेत्र में कौन सा गोरखधंधा
- कासना कोतवाली क्षेत्र में फ्लैट, लोन, नौकरी आदि के नाम पर ठगी की दुकान, कुछ स्पा की आड़ में अनैतिक धंधा, अनियमित रूप से चल रहे पीजी, ऑटो आदि वाहन चालकों से वसूली। 
- नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में छात्रों व युवाओं को गांजा-अवैध शराब की बिक्री, रेहड़ी-फुटपाथ विक्रेताओं से वसूली। 
- सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर ठगने वाला गिरोह
- बिसरख कोतवाली क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का निर्माण, प्लॉट और फ्लैट बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी। 
- रबूपुरा, दनकौर और जेवर हरियाणा शराब तस्करी बड़े स्तर पर होती है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में खनन और सरिया चोरी का गोरखधंधा का भी कई बार खुलासा हो चुका है।
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up police
ऐसे कस सकती है लगाम
- अधिक समय तक एक क्षेत्र मेें जमे अधिकारी-कर्मियों की समीक्षा व स्थानांतरण।
- बीट के सिपाही, दरोगा, चौकी प्रभारी समय-समय पर करें दफ्तर व दुकानों का सत्यापन।
- बड़े गोरखधंधे का खुलासा होने पर जिम्मेदार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- छोटे-मोटे आरोपी पकड़े जाने पर उनके मुखिया तक पहुंचकर कार्रवाई की जाए।
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