कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे जब से आए हैं, वहां राजनीतिक उठापटक खत्म होने की बजाय कई गुना बढ़ गया है। किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने से लेकर विधायकों के जोड़-तोड़, उपराज्यपाल का सिंगल लार्जेस्ट पार्टी को न्योता देना, कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट जाना, येदियुरप्पा का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना और आज सुप्रीम कोर्ट में फ्लोर टेस्ट के लिए 28 घंटे का समय देने तक सब कुछ बहुत ही फिल्मी या ये कह लें कि नाटकीय रहा है। इन सब के बावजूद शुक्रवार को जब सुप्रीम कोर्ट के जज कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट मामले की सुनवाई करने कोर्ट रूम नंबर 6 में पहुंचे तो वह कोर्ट का नजारा देख कर हैरान रह गए और उनके मुंह से निकल गया, 'आई कान्ट बीलीव दिस'। पढ़ें कोर्टरूम में कब-कब आए हल्के-फुल्के मजाकिया पल...
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abhishek manu singhavi
- फोटो : pti
गौरतलब है कि इस केस की सुनवाई शुरू होने से पहले ही कोर्ट रूम व उसके बाहर अप्रत्याशित भीड़ थी। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि कोर्ट में इस तरह की भीड़ बहुत कम मौकों पर देखने को मिलती है। कोर्ट में तिल फेंकने तक की जगह नहीं थी ऐसा भी कुछ लोगों ने कहा। ऐसे में जब मामले की सुनवाई करने वाले एक जज जब कोर्ट रूम पहुंचे तो उनके मुंह से निकल गया 'आई कान्ट बीलीव दिस' यानी वो भीड़ देखकर विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि किसी केस की सुनवाई के लिए इतनी भीड़ जुट सकती है।
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abhishek manu singhavi
- फोटो : pti
बता दें कि कोर्ट की सुनवाई सुबह 10:30 बजे शुरू होनी थी लेकिन 10:40 पर शुरू हुई। कोर्ट रूम पहुंचकर इसका कारण भी जज साहब ने बताया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा आज जस्टिस चेलमेश्वर का विदाई समारोह था तो फोटो सेशन में थोड़ा टाइम लग गया। हालांकि वह वहां मौजूद भीड़ देख बेहद हैरान थे।
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justice sikri
जब भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी फ्लोर टेस्ट के लिए समय मांग रहे थे तो जस्टिस एके सीकरी ने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर ऐसे भी मैसेज देखे, जिनमें उस होटल का मालिक भी कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को खत लिख रहा है... जिसमें कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को ठहराया गया था। जस्टिस सीकरी का इतना कहना था कि पर कोर्ट रूम ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल जस्टिस सीकरी इस दौरान वॉट्सऐप पर आए संदेशों का जिक्र कर रहे थे।
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Mukul Rohtagi, Atorney General of India
वहीं भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी किसी तरह कोर्ट रूम के अंदर पहुंचे। लेकिन उनसे एक बड़ी गलती हो गई। वो अपना चश्मा भूल गए थे लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह बाहर जाकर ला भी नहीं सकते थे तो किसी से चश्मा मंगवाया गया। वह शख्स भी अंदर आकर रोहतगी को चश्मा नहीं दे सका बल्कि बाहर से ही पास कर दिया और सैकड़ों लोगों के हाथ से गुजरता हुआ चश्मा रोहतगी तक पहुंचा।
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P Chidambaram
यही नहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील पी. चिदंबरम जब कोर्ट में अपीयर होने पहुंचे तो भीड़ देख कर भड़क गए और वापस चले गए। बता दें कि कोर्ट रूम इतना खचाखच भरा था कि कोर्टरूम का दरवाजा भी बंद न हो सका।
मजेदार वाकया तो उस समय हुआ जब देश के वरिष्ठ वकील रामजेठ मलानी इस केस में अपीयर होने कोर्ट रूम पहुंचे। लोगों ने उन्हें जाने देने के लिए जगह भी बनाने की कोशिश की लेकिन वह अंदर ही नहीं जा पा रहे थे। आखिरकार वो बोले-बेटा अपीयर तो होने दो मुझे।