जिले के मतदाता फस्र्ट डिवीजन की श्रेणी में आने से कुछ ही मत पीछे रह गए। तीनों विधानसभा सीटों पर 58.61 फीसदी औसत मतदान हुआ। मतदान में नोएडा सबसे पीछे और जेवर सबसे आगे रहे।
दादरी के मतदाता भी फस्र्ट डिवीजन पास हुए। नोएडा में 49.2 फीसदी, दादरी में 62.11 और जेवर में सर्वाधिक 66.43 फीसदी मतदान हुआ। मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चला।
दादरी में कुल मतदाता 440424 में 245561 पुरुष और 194848 महिला व 50 अन्य मतदाता शामिल है। इनमें सवेरे सात बजे से नौ बजे तक धीमी गति से मतदान चला। पहले दो घंटे में सिर्फ आठ फीसदी मतदान हुआ।
11 बजे तक 22 फीसदी तक पहुंच गया। एक बजे मतदान प्रतिशत 39 तक पहुंच गया। दोपहर 1 बजे से तीन बजे के बीच सबसे तेजी से मतदान हुआ और यह आंकड़ा 56 फीसदी पहुंच गया। दादरी में कुल मतदान 62.11 फीसदी हुआ।
पिछले चुुनाव में हुआ था 58.03 फीसदी
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पिछले चुुनाव में दादरी में 58.03 फीसदी मतदान हुआ था। मात्र तीन फीसदी मतदान अधिक हो पाया है। दादरी विधानसभा क्षेत्र के 170 मतदान केंद्रों पर 416 बूथों पर मतदान हुआ। जेवर विधानसभा क्षेत्र में 201 मतदान केंद्रों के 343 बूथों पर मतदान हुआ।
जेवर में कुल 322448 मतदाताओं में 177762 पुरूष और 144677 महिला मतदाता है। पहले दो घंटे में केवल आठ फीसदी मतदान हुआ। जो 11 बजे तक 19 फीसदी पर पहुंच गया। दोपहर में तीन बजे तक 51 फीसदी मतदान हुआ।
बाद के दो घंटे में मतदान की गति धीमी रही। कुल 66.43 फीसदी मतदान हुआ। जेवर विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में 62 फीसदी मतदान हुआ था। चार फीसदी ही मतदान में बढ़ोत्तरी हुआ है।
नोएडा में पिछले चुनाव में 48.98 फीसदी हुआ मतदान
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नोएडा विधानसभा क्षेत्र के 110 मतदान केंद्रों के 485 बूथों पर मतदान हुआ। कुल 523559 मतदाताओं में से पुरुष 301189 और महिला 222320 है। इनमें पहले दो घंटे में केवल सात फीसदी मतदान हुआ। दोपहर एक बजे तक 30 फीसदी मतदान हुआ। तीन बजे तक 43 फीसदी पर पहुंच गया।
पांच बजे तक 49.2 फीसदी मतदान हुआ। पिछले चुनाव में नोएडा में 48.98 फीसदी मतदान हुआ था। जो पिछले चुनाव के मुकाबले में केवल तीन फीसदी अधिक है। दादरी व जेवर में शाम पांच बजे तक अधिकतर मतदाता वोट डाल चुके थे।
चौकस रही सुरक्षा व्यवस्था: 1246 बूथों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी, सिविल पुलिस व होमगार्डों ने संभाल रखी थी। वहीं, एसपी, सीओ, कोतवाल, क्षेत्र में गश्त करते रहे और जवानों को दिशा-निर्देश देते रहे। कुल 10 हजार सुरक्षाकर्मी जिले की तीनों विधानसभाओं में तैनात किए गए थे। कई बूथों पर वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।