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यूपी बोर्ड का पहला दिनः क से कबाड़, स से सफाई

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नए सत्र के पहले ही दिन सरकारी स्कूलों का दावा खोखला साबित होता नजर आया। स्कूल के समय में बच्चों से सफाई कराई गई। (सभी तस्वीरें: भव्यनरेश/अमर उजाला, नोएडा)
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यूपी बोर्ड का पहला दिनः क से कबाड़, स से सफाई

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स्कूल में बच्चे क से कबाड़, स से सफाई और म से मजबूरी का पाठ पढ़ते ज्यादा दिखे।
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यूपी बोर्ड का पहला दिनः क से कबाड़, स से सफाई

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कई स्कूलों में फटी-पुरानी किताबों के लिए भी बच्चे तरसते नजर आए और खुले में पढ़ाई कर भविष्य का सपना बुनने को मजबूर दिखे।

यूपी बोर्ड का पहला दिनः क से कबाड़, स से सफाई

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1 अप्रैल से माध्यमिक व बेसिक शिक्षा परिषद का नया सत्र शुरू कराने का सपना परवान तो चढ़ गया, लेकिन पहले दिन स्कूलों में खामियां ही खामियां नजर आईं।
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वहीं कुछ स्कूलों में टीचर क्लास में कम, बाहर ज्यादा दिखे।
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नोएडा का प्राइमरी स्कूल मामूरा में स्कूल में बच्चे स्टोर रूम की सफाई में लगे दिखे। वहां पड़ा लोहा, कूड़ा, सीढ़ी, पुस्तकें और अन्य को बच्चे कंधों पर ढोकर दूसरे कमरे में रखते दिखे। इस दौरान कक्षाओं में टीचर नदारद रहे।
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प्राइमरी स्कूल, गढ़ी चौखंडी में स्कूल के अंदर मुख्य द्वार पर ही पानी लगा हुआ है। ठीक इसी के बगल में बच्चे जमीन पर पढ़ाई कर भविष्य के सपने बुन रहे हैं। प्राधिकरण को कमरे बनाने के लिए जुलाई 2013 में ही पत्र लिखने की बात बताई गई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
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श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, गढ़ी चौखंडी, यहां के सभी शिक्षकों को मूल्यांकन में भेजा गया है। लिहाजा इंटर कॉलेज प्रबंधन ने निजी शिक्षकों के भरोसे कक्षाएं चलाई। यहां बच्चों की उपस्थिति महज 40 फीसदी ही रही।
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