जेएनयू कैंपस में घंटों तक तोडफ़ोड़, मारपीट, पत्थरबाजी चल रही है, लेकिन प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा। यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों पर भी हमला किया गया। गर्ल्स हॉस्टल में जाकर तोडफ़ोड़ व मारपीट की गयी है। कैंपस में सुरक्षा गार्ड के बीच मारपीट करने वाले छात्रों को सुरक्षा गार्ड या वार्डन ने क्यों नहीं रोका?
-प्रो. एसके सोपोरी, पूर्व कुलपति, जेएनयू।