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त्रिलोचन हत्याकांड : बचपन के दोस्त हरप्रीत ने रची कत्ल की साजिश, वीजा के लिए दिल्ली बुलाया और...

Thu, 16 Sep 2021 09:33 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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trilochan singh wazir murder case - फोटो : अमर उजाला
नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या का दूसरा आरोपी बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला को भी दिल्ली पुलिस ने जम्मू के डिग्याना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि हत्या हरमीत ने की थी। हरमीत ने वजीर के खाने में नशे की गोलियां मिलाई थीं। इसके बाद सोते हुए गोली मार दी। शव को चादर में लपेटकर बाथरूम में डाल दिया था। हथियार हरमीत ही लेकर आया था। अब तक की जांच में पता चला है कि त्रिलोचन की हत्या साजिश रचकर की गई है। त्रिलोचन सिंह को साजिश के तहत ही दिल्ली बुलाया गया था। बलवीर भी हत्याकांड में शामिल है। जानकारी के अनुसार हरप्रीत सिंह ने बिल्ला, राजिंदर और हरमीत को वजीर की हत्या की सुपारी दी थी। वजीर के कनाडा जाने के लिए उनकी टिकट और वीजा लगाने के लिए भी हरप्रीत सिंह ने वजीर को दिल्ली बुलाया था। 
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trilochan singh wazir murder case - फोटो : अमर उजाला
जम्मू से गिरफ्तार राजेंद्र उर्फ राजू को बुधवार सुबह दिल्ली लाकर कोर्ट में पेश करने के बाद अपराध शाखा को सौंप दिया गया। पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, त्रिलोचन सिंह जम्मू-कश्मीर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी व जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चेयरमैन रहे हैं। राजू ने बताया कि मोती नगर के जिस मकान में त्रिलोचन की हत्या हुई, वह फरवरी में 29 हजार रुपये किराए पर लिया गया था।
राजेंद्र ने बताया कि वह हत्या की साजिश में था, लेकिन उसे नहीं पता कि हत्या का कारण क्या था। इन लोगों ने 3 सितंबर को त्रिलोचन सिंह की हत्या की थी। इसके बाद चारों आरोपी 4 सितंबर की सुबह जम्मू चले गए। ये जम्मू जाने से पहले शव को ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन नहीं लगा पाए। ये अलग-अलग रास्तों व वाहनों से जम्मू गए थे। त्रिलोचन का शव ठिकाने लगाने के लिए ये 8 सितंबर को फिर दिल्ली आए, लेकिन इस बार भी नाकाम रहे।
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trilochan singh wazir murder case - फोटो : अमर उजाला
जेल में साथ रहे थे त्रिलोचन और हरमीत
त्रिलोचन सिंह चोपड़ा हत्याकांड में छह साल जेल में रहे। जिस समय वजीर जेल में थे, तब हरमीत सिंह भी एक अन्य मामले में जेल में था। वजीर और हरमीत की वहां पर पहले मुलाकात हो चुकी है। 

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त्रिलोचन सिंह वजीर(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
ये हैं साजिश के सूत्रधार
हरमीत सिंह : आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति। ट्रांसपोर्ट कारोबारी। आशंका है कि उसकी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को लेकर त्रिलोचन सिंह से प्रतिद्वंद्विता व रंजिश रही हो। त्रिलोचन हत्या के मामले में जेल गया था। उसी समय हरमीत भी जेल गया था। दोनों साथ रहे थे। हरमीत को लगता था कि त्रिलोचन सिंह उसके बेटे की हत्या कराना चाहते हैं। इसी कारण वह त्रिलोचन की हत्या में शामिल हुआ था।

हरप्रीत सिंह : जम्मू के एक स्थानीय अखबार का एडिटर इन चीफ त्रिलोचन के बचपन का दोस्त। दोनों एक साथ पढ़े थे। साजिश के तहत उन्हें दिल्ली बुलाया। हरप्रीत के मामा की वर्ष 1983 में हत्या हुई थी। इस वारदात में त्रिलोचन सिंह का नाम आया था। हरप्रीत को लगता था कि उसके मामा की हत्या त्रिलोचन ने कराई थी। इसी कारण रंजिश मानता था।वह वजीर का एक बार इंटरव्यू भी अपने चैनल पर दिखा चुका है।

राजेंद्र उर्फ राजू : मुंबई के टैक्सी चालक को हरप्रीत ने एक वर्ष पहले बुलाया था। हरप्रीत ने उसे दिल्ली में टैक्सी चलाने का काम दिलाने का भरोसा दिया था। हरप्रीत के कहने पर वही जम्मू से त्रिलोचन सिंह का सामान दिल्ली लेकर आया था। इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तारी भी उसी की हुई है।

बिल्ला उर्फ बिल्ले : बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला जम्मू के डिग्याना प्रीत नगर का रहने वाला है। वह आपराधिक छवि का है। इसको भी पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ है। यह भी वारदात में शामिल रहा है। हालांकि दिल्ली पुलिस इसके बारे कोई जानकारी नहीं दे रही। क्योंकि अभी तक बिल्ले के बारे तमाम जानकारी राजिंदर चौधरी उर्फ राजू गंजा ने दी है। 
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जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हरप्रीत और हरमीत के जम्मू में होने का भी शक
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की टीमें अभी जम्मू में मौजूद हैं। उन्हें शक है कि हत्या में शामिल हरप्रीत सिंह और हरमीत सिंह जम्मू में किसी ठिकाने पर छुपे हुए हैं। इनकी तलाश में पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की है, लेकिन इनका पता नहीं चल पाया है।
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