जहां एक ओर आप अपने स्मार्टफोन में भरे हुए एप्स को कभी-कभी फोन मेमोरी भरने के लिए कोसते हैं वहीं एक ऐसा ऐप भी है जिसे आप जितनी बार इस्तेमाल करेंगे उसके बनाने वालों को दिल से धन्यवाद देंगे। यह ऐप आपको बताएगा कि आपके आस-पास पब्लिक टॉयलेट कहां है और वह साफ है या नहीं। (सभी फोटोः फेसबुक प्रोफाइल)
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एक IAS दंपति की परेशानी से बना ये टॉयलेट ऐप
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स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर पंजाब के आईएएस दंपति ने बनाया है जो दिल्ली में आकर कनॉट प्लेस के आस-पास के एरिया में शौचालय ढूंढने के लिए बहुत ही परेशान हुए। बता दें कि यह ऐप जल्द ही शहरी विकास मंत्रालय स्वच्छ भारत अभियान के तहत लॉन्च करने वाला है।
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इस ऐप से आप अपने पास मौजूद शौचालय को न सिर्फ ढूंढ पाएंगे बल्कि इसे सफाई, आधारभूत संरचना और सुरक्षा के लिए रेटिंग भी दे पाएंगे।
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इस ऐप की मदद से आप ये भी जान पाएंगे कि शौचालय इंडियन या वेस्टर्न। फ्री या पैसे देकर जाना पड़ेगा और साथ ही ये भी कि उक्त टॉयलेट में विशेष रूप से सबल लोगों के लिए क्या इंतजाम हैं और सैनिटरी पैड्स फेंकने के लिए क्या इंतजाम है।
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शहरी विकास मंत्रालय तो इस ऐप में देशभर के टॉयलेट के बारे में जानकारी डालने की सोच रही है।
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इस ऐप के लॉन्च के बाद टॉयलेट के साथ ही पेट्रोल पंप और रेस्त्रां को भी इसमें शामिल किए जाने की योजना है, जिसके लिए जनता से मदद ली जाएगी।
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इस ऐप का आइडिया 37 साल के मोगा (पंजाब) के म्युनिसिपल कमिश्नर विपुल उज्जवल और उनकी पत्नी सोनाली गिरी(31) जो फरीदकोट की अतिरिक्त जिला कमिश्नर को आया था।
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इस साल की शुरूआत में ये दंपति दिल्ली में आई-वोट नामक ऐप बनाने के लिए राष्ट्रीय अवार्ड लेने दिल्ली आए थे। उन्होंने आई-वोट नामक ऐप पिछले आम चुनावों में बनाया था। जिसकी मदद से लोगों को उम्मीदवारों उनके चुनावी क्षेत्र, पोलिंग बूथ, वोटिंग स्लिप आदि के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाती थी।
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विपुल ने बताया कि उनकी पत्नी सोनाली दिल्ली में शौचालय जाना चाहती थीं और दोनों ही पूरे कनॉट प्लेस में एक भी शौचालय नहीं ढूंढ पाए। इसी वजह से उन्हें लगा कि सरकार को एक ऐसे ऐप की जरूरत है जो लोगों को सार्वजनिक शौचालय के बारे में जानकारी दे सके। विपुल ने इस ऐप को बनाने के लिए अपने बिकानेर मैनेजमेंट स्टडीज के दो पुराने सहपाठियों की मदद ली।
विपुल ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर ही उन्होंने म्यूनिसिपल सैनिटरी इंस्पेक्टर की मदद से पंजाब के शहरी क्षेत्र में स्थित सभी 600 शौचालयों की डिटेल इस ऐप में डाल दी है। अब यही मॉडल दिल्ली समेत देशभर में लागू किया जाएगा।