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90 वर्ष बाद सात समंदर पार कर आए हैं ये दुर्लभ परिंदे, यहां कर सकते हैं दीदार

Sat, 14 Jan 2017 01:17 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला,गुरुग्राम
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- फोटो : अमर उजाला
90 वर्ष बाद सात समंदर पार कर कई दुर्लभ प्रवासी परिंदे गुरुग्राम पहुंचे हैं। सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में इस बार एक दर्जन से अधिक दुर्लभ परिंदे देखे गए हैं। जो इससे पहले अब तक यहां नहीं आते थे। इस बार मौसम में अधिक ठंडक हुई है। पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। साइबेरिया, मंगोलिया व यूरोप के हिस्सों में अधिक बर्फबारी के कारण प्रवासी पक्षियों ने इस बार उत्तरी भारत का रुख किया है। 
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Sultanpur National Bird Park - फोटो : अमर उजाला
पहली बार सुल्तानपुर के पास सफेद पूंछ वाला उकाब और पीले पैर वाला बटन क्वाल नामक पक्षी देखा गया है। इसके अलावा कुछ पक्षी फरीदाबाद के अरावली क्षेत्र मांगर में भी दिखे हैं। पहली बार दिखने के कारण कुछ पक्षियों को पहचानने में भी दिक्कत हो रही है। वन्य जीव अधिकारी श्याम सुंदर कौशिक कहते हैं इस बार गुरुग्राम के सुल्तानपुर के अलावा झज्जर के भिंडावास पक्षी उद्यान में भी यह पक्षी दिखे हैं। 
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Sultanpur National Bird Park - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा सुल्तानपुर में पहली बार ब्राउन ब्रेस्टेड फ्लाईकैचर, स्केली थ्रस, एशियन ब्राउन फ्लाईकैचर, बेसरा और लार्ज टेल नाइटजर नाम की पक्षी देखी गई है। अरावली के क्षेत्र में भी इन पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। पक्षी विशेषज्ञों की मानें तो इस बार ठंड अधिक है। वहां उन्हें अनुकूल माहौल नहीं मिला तो उनके सामने प्रवास के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।
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Sultanpur National Bird Park - फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर पक्षी उद्यान के बर्डवॉचर सुरेश कुमार का कहना है कि सुल्तानपुर में इस बार ग्रे-हेडेड लैपविंग, मॉन्टेग्स हेरियर, सिंगिंग बश लाक और टिकेल लीफ वारबलर देखने को मिले हैं। सुरेश कहते हैं यह प्रवासी पक्षी यहां नहीं पाए जाते हैं। पहली बार यह प्रवासी पक्षी देखे गए हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
 
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