दिल्ली और असम को दहलाने की साजिश रच रहे तीन कथित आतंकियों को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और असम पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी बांग्लादेशी आईएस मॉड्यूल से प्रभावित हैं। पुलिस ने इनके पास से एक तैयार आईईडी, एक किलो विस्फोटक, बैटरी, आईईडी बनाने के उपकरण, चार मोबाइल और दो तलवारें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी असम के रंजीत इस्लाम उर्फ रंजीत अली, मुकादिर इस्लाम और लुइत जमील जमां उर्फ अली हैं। इनकी उम्र 22 से 24 साल है।
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आरोपियों से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी 25 नवंबर को असम के ग्वालपाड़ा जिले में स्थानीय मेले रासमेला में धमाका करने वाले थे। उसके बाद इनका अगला निशाना दिल्ली था। इसके लिए ये दिल्ली के कुछ युवकों के संपर्क में भी थे। असम से गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकियों ने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि असम के बाद उनके निशाने पर दिल्ली के दो बड़े बाजार और एक रेलवे स्टेशन था। दिल्ली के तीन युवक भी इनके संपर्क में थे, जिनसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जान-पहचान की गई और उन्हें जिहाद के लिए तैयार किया।
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आतंकियों से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
तीनों ने दिल्ली में मौजूद लड़कों से यहां के बाजारों की रैकी कर उनकी फोटो व वीडियो बनाकर भेजने की भी बात की थी। आरोपियों से आईएस से जुड़ा साहित्य भी बरामद हुआ है। पकड़े तीनों आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह ग्वालपाड़ा जिले के दुधनोई में ब्लास्ट करने के बाद राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में थे।
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जमील जमां
- फोटो : अमर उजाला
कुछ माह पूर्व इन लोगों ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिये अपने दिल्ली में बैठे साथियों को तैयार किया था। यह लोग अपने साथियों से व्हाट्सएप व इंटरनेट कालिंग के जरिये बातचीत करते थे। आरोपियों ने दिल्ली में मौजूद लड़कों से राजधानी के अतिव्यस्त रहने वाले बाजारों के अलावा रेलवे स्टेशन की जानकारी भेजने के लिए कहा था। यहां पता करना था कि इन स्थानों पर सुरक्षा के क्या इंतजाम रहते हैं, इसके लिए कहां पर आसानी से बम रखा जा सकता है। पुलिस अब इनके साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मेले में बड़ा नुकसान होने से बचा
ग्वालपाड़ा के दुधनोई में 11 से 25 नवंबर तक रासमेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में यदि यहां धमाका होता तो जानमाल की काफी क्षति हो सकती थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यहां विस्फोट करने के बाद दिल्ली को दहलाने की भी तैयारी कर ली थी। जमील आधार सेंटर में सुपरवाइजर की नौकरी करता है, वहीं मुकदिर इस्लाम चालक है, जबकि रंजीत मछलियों का कारोबार करता है।