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नंद नगरी में तीन दिन से तनाव: सदमे में है मनीष की मां, छोड़ा दाना-पानी, अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात

Tue, 04 Oct 2022 01:24 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मृतक मनीष के परिजन - फोटो : अमर उजाला
नंद नगरी इलाके में मनीष की मौत के बाद लगातार तीसरे दिन में तनाव देखने को मिला। परिजन व स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिखे। सोमवार दोपहर के समय नाराज परिजनों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पुतला जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों व स्थानीय लोगों को ऐसा करने से रोका। जिसके बाद लोगों की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। मृतक मनीष की बहन ने महिला पुलिस कर्मियों पर उसको पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस मारपीट और धक्का-मुक्की की बात से इंकार कर रही है। वहीं सोमवार शाम को ही स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालने की भी अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस की ओर से हालात को देखते हुए इसकी इजाजत नहीं दी गई। फिलहाल लोकल पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां अभी भी तैनात हैं। पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं।
 
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मृतक मनीष - फोटो : अमर उजाला
मृतक मनीष की बहन लविका (21) ने बताया कि इनका सब कुछ होने के बाद भी किसी ने उनके परिवार की सुध नहीं ली। घटना के बाद से मां मिथिलेश ने कुछ नहीं खाया है। वह अपनी सुधबुध खो बैठी है। दिल्ली सरकार को भी परिजनों की खबर लेना चाहिए थी। परिजनों व स्थानीय लोगों ने दिल्ली सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए दोपहर 12.00 बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पुतला बनाकर उसे जलाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उनको ऐसा नहीं करने दिया। 
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स्थानीय लोगों से बात करते पुलिस वाले - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने लोगों से जबरन पुतला छीन लिया। इस दौरान लोगों से धक्का-मुक्की हुई। लविका ने बताया कि भीड़ के बीच वह अपनी मां को तलाश कर रही थी। इस बीच एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे बुरी तरह पीट दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इससे इंकार किया। परिजनों की मांग थी कि मनीष के परिवार को उचित मुआवजा मिले। इसके अलावा दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने के लिए मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले।

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लोगों ने निकाला कैंडल मार्च - फोटो : amar ujala
एक अन्य परिजन ने बताया कि दलित मनीष की हत्या के बाद विरोध जताने के लिए स्थानीय लोग कैंडल मार्च भी निकालने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन पुलिस की ओर से ऐसी इजाजत नहीं दी गई। दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जेल में बंद आरोपी मोहसिन व शाकिर को मनीष हत्याकांड में आरोपी बनाया जाए। 
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मनीष को चाकुओं से गोदा - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शनिवार रात को नंद नगरी के सुंदर नगरी इलाके में डीएम कार्यालय के पास तीन लड़कों बिलाल, फैजान और आलम ने मनीष की चाकू के 40 से अधिक वार कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। दरअसल मनीष ने एरिया के कुछ युवकों पर एक साल पहले हत्या के प्रयास का एक केस दर्ज करवाया हुआ था। यह लोग मनीष और उसके परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। ऐसा करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही थी। घटना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। मामले में अभी कुछ अन्य युवकों की तलाश हैं। इन सभी के परिजन घर बंदकर मौके से फरार हैं।
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