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रंग लाई पहल: कोरोना संक्रमित बेटे को देख मां की आंखों से छलक उठे आंसू

Thu, 02 Jul 2020 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • छह दिन से लोकनायक अस्पताल में भर्ती मरीज से नहीं हो पा रही थी बात
  • दिल्ली सरकार की हेल्पडेस्क पर वीडियो कॉल के जरिए हुई मुलाकात
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फातिमा... - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमित मरीज से संपर्क न होने की वजह से अभी तक तीमारदारों का काफी हंगामा देखा जा चुका है। इसे लेकर दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में वीडियो कॉल की सेवा शुरू की गई है, जिसका परिणाम यह है कि लोगों के चेहरे पर खुशी लौटने लगी है। कोरोना काल में हर तरफ से मार झेल रहे मरीज और उनके परिजन अब लोकनायक अस्पताल के परिसर में ही बैठकर हेल्पडेस्क के माध्यम से वीडियो कॉल के जरिए बात कर पा रहे हैं। फातिमा ऐसी ही एक खुशनसीब मां हैं।
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लोकनायक अस्पताल - फोटो : social media
बुधवार को दरियागंज निवासी फातिमा अपने बेटे अजहर से मिलने के लिए लोकनायक अस्पताल आईं। वे अपने बच्चे के लिए कपड़े और एक फोन लाई थीं ताकि उनकी बच्चे से कम से कम बात ही हो जाए। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जब उन्हें वीडियो कॉल के बारे में पता चला तो वह तुरंत हेल्पडेस्क की ओर दौड़ पड़ीं। वहां कुछ ही समय में उनका नंबर आ गया और वह आईसीयू में भर्ती 15 वर्षीय कोरोना संक्रमित बेटे को देख रो पड़ीं।
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वीडियो कॉल
बाहर आने के बाद फातिमा ने बताया कि उनका बेटा बीते कई दिन से यहां भर्ती है। उन्हें नहीं पता कि वह कोरोना संक्रमित कैसे हुआ? 
फातिमा जैसी कई मां और परिवार इनदिनों हेल्पडेस्क पर आकर न सिर्फ मरीज को देख-सुन और बात कर पा रहे हैं बल्कि कोरोना संक्रमण से लडने में हिम्मत भी जुटा पा रहे हैं। 

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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रीतू सक्सेना बताती हैं कि कोरोना संक्रमण की वजह से मरीज से किसी को मिलने नहीं दिया जाता है। इसमें परिवार की भलाई है लेकिन भावनात्मक विचारों से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इसीलिए उन्होचंने एक योजना बनाई कि अस्पताल में दाखिल होने के बाद मरीज से उनके परिजन वीडियो चैट के जरिए हालचाल ले सकते हैं। 

 
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आइसोलेशन वार्ड - फोटो : amar ujala
यह प्रयोग जब किया तो इसका तेजी से असर देखने को मिला। वार्ड में मरीज और बाहर तीमारदार दोनों ही पैनिक होना बंद हुए। उन्होंने कहा कि यह काफी अच्छा मॉडल है इसे बाकी कोविड अस्पतालों में भी लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अब दिन भर हेल्पडेस्क में अंदर तीमारदार आकर अपने सदस्य से बात करते हैं। 
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