सुदीक्षा भाटी अपने गांव के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक मिसाल थी। बचपन का नाम सोनिया था, लेकिन उसने कक्षा तीन में खुद बदलकर नाम सुदीक्षा रखा और इस नाम के अर्थ को चरितार्थ करना शुरू कर दिया। सामान्य घर में जन्म लेने के बावजूद योग्यता के बल पर उसने न केवल क्षेत्र का नाम रोशन किया था, वह देश की लड़कियों को अपनी तरह शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी। इस सपने को पूरा करने के लिए उसने ‘उभरती’ प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसके अंतर्गत वह सामान्य और निर्धन परिवार की लड़कियों को शिक्षित करने का बीड़ा उठा रही थी।