अपने अपमान से दुखी होकर आत्महत्या की कोशिश करने वाली लाखों लोगों की चहेती सिंगर और डांसर सपना चौधरी शीघ्र ही हरियाणवी संगीत प्रेमियों के बीच होंगी। वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं।
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sapna chaudhary
- फोटो : अनिल वर्मा
करीब 10 दिन तक अस्पताल में रहने के बाद सपना चौधरी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। जहरीला पदार्थ खाने से उनके शरीर में कमजोरी आ गई है। गले में संक्रमण हो गया।
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- फोटो : अनिल वर्मा
अब उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि करीब दो हफ्ते के बाद वह गाने का रियाज शुरू कर देंगी और उसके एक हफ्ते बाद वह हजारों संगीत प्रेमियों के बीच मंचों पर फिर से धमाल मचाएंगी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सपना ने अमर उजाला से खास बातचीत की।
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- फोटो : अनिल वर्मा
अपमान करना मकसद नहीं: गुड़गांव के खांडसा निवासी सतपाल तंवर द्वारा लगाए गए एक जाति विशेष का अपमान करने के आरोप को सपना ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा गाई गई रागिनी की उस लाइन के जरिये लेखक जगदीश चंद्र ने कहा है कि अपनी मेहनत से यह निर्धन वर्ग भी तरक्की कर गया।
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इस रागिनी को कोई गलत नहीं मानता था, शायद इसीलिए बरसों से लोग इसे गाते रहे और लाखों ने सुना भी। शायद तंवर ने नेम एंड फेम के लिए ऐसा किया। तंवर जैसे लोग कवियों व कलाकारों पर ज्यादती करते हैं, तो भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।
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राजनेताओं से खफा: राजनेताओं से सपना बहुत खफा हैं। सपना ने कहा कि उनका अपमान हुआ, जान खतरे में पड़ी, इसके बावजूद किसी राजनीतिक नेता ने इस बारे में कुछ नहीं बोला। शायद वे वोटों की सियासत से प्रभावित थे। लेकिन अदालत से उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा।
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- फोटो : Facebook
हालात लाए इस फील्ड में : सपना जब सिर्फ 12 साल की थी तो पिता का निधन हो गया था। सपना बताती हैं कि उनके पिता होते तो शायद वह डांसिंग व सिंगिंग के फील्ड में न होती। डांस में उनकी रुचि तो बचपन से ही थी। पिता की कमी में परिवार के गुजारे के लिए उसने अपनी नाचने व गाने की कला को निखारा और आज लाखों लोग उसकी कला के दीवा
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- फोटो : Facebook
पुंडरी में हुआ पहला प्रोग्राम : आज एक ही प्रोग्राम के लाखों रुपये लेने वाली सपना का पहला प्रोग्राम 10 दिसंबर 2012 को जब करनाल जिले के पुंडरी में हुआ तो उनको बदले में कुछ नहीं मिला। अगले प्रोग्राम में 3100 रुपये मिले थे। वह एक महीने के 30 दिन में ही 35 तक प्रोग्राम करती हैं। उनके कार्यक्रम कई-कई महीने पहले ही तय हो जाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली में लोग उसकी कला के दीवाने हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
परफार्मेंस के लिए कड़ी मेहनत : सपना ने बताया कि वह मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों को दमदार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। एक नई रागनी पर 10-12 दिन लगाती हैं। तैयारी व कार्यक्रमों से समय नहीं मिलता इसलिए भोजन व नींद गाड़ी में ही लेनी पड़ती है।
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कई को मानती हैं महान : वीरपाल खरकिया को अपना गुरु मानती हैं। वरिष्ठ गायकों का वह बहुत सम्मान करती हैं। कवि सूर्य पंडित लखमीचंद, पंडित मांगेराम, व जाट मेहर सिंह को महान मानती हैं। मास्टर सतबीर, दयाचंद, बाली शर्मा व रणबीर बड़वासनी से प्रेरणा लेती हैं। कई नए गायकों से सीखती हैं।
कला नहीं होती अश्लील : अपनी प्रस्तुतियों से फूहड़पन फैलाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि कला को अश्लील कहना व्यक्ति के दिमाग की सोच है। उन्होंने कहा कि लड़के की बारात जाने के बाद होने वाला खोड़िया, मुन्नी बदनाम हुई, शीला जवान हुई...जैसे गाने अश्लील नहीं हो सकते तो पूरा तन ढककर की जाने वाली उनकी प्रस्तुतियां कैसे अश्लील हो गईं।