सिग्नेचर ब्रिज पर यातायात भले शुरू हो गया है, लेकिन काम अधूरा ही है। हादसों के बाद आरोप लग रहे हैं कि जल्दबाजी में काम अधूरा होने के बावजूद इसे यातायात के लिए खोला गया है। इसे देखते हुए ब्रिज को रात के 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए ब्रिज पर बोर्ड भी लग गया है। हालांकि इसके लिए दिन नियम नहीं किया गया है।
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signature bridge
- फोटो : फोटो: कुमार संजय
सिग्नेचर ब्रिज निर्माण करने वाले दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के साइनेज बोर्ड के अनुसार, अगले सप्ताह से ब्रिज के दोनों तरफ और गैलरी के बाहरी हिस्सों का काम शुरू किया जाएगा। डीटीटीडीसी का कहना है कि गैलरी के बाहरी हिस्सों के अधूरे काम से यातायात में कोई परेशानी नहीं है। इससे मुसाफिरों को भी कोई खतरा नहीं है।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
अधिकारी ने दावा किया कि मजदूरों की समस्या नहीं हुई तो मार्च तक इस काम को पूरा कर लेंगे। हालांकि लगातार मार्च तक यह ब्रिज बंद नहीं रहेगा। दिसंबर से मार्च के बीच आवश्यकता के अनुसार इसे कुल 25-30 दिन ही बंद किया जाएगा। इस दौरान मार्शल तैनात होंगे व बैरिकेड लगाए जाएंगे। आने-जाने वालों को बताया जाएगा कि ब्रिज पर काम चल रहा है। लिहाजा आप पुराने रास्ते का इस्तेमाल करें।
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लोगों को सिग्नेचर ब्रिज से हटाते हुए पुलिकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि पूरी दिल्ली का नजारा देखने के लिए सिग्नेचर ब्रिज पर एक ग्लास हाउस का निर्माण होना है। पिलर के ऊपर जाने के लिए दोनों पिलर के भीतर से चार लिफ्ट लगनी हैं। इस ब्रिज के ऊपरी हिस्से में बनने वाले ग्लास हाउस में करीब 50 लोग एक साथ पहुंचकर पूरी दिल्ली का नजारा ले सकेंगे। फरवरी तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, कुछ सेफ्टी ग्रिल वजीराबाद की तरफ बनना है।
आपको बता दें कि दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर दो हादसों में तीन लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार सुबह हुए हादसे में दो बाइक सवारों में से एक की जान चली गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया है। वहीं शुक्रवार सुबह हुए हादसे में बाइक सवार मेडिकल के दो छात्रों की मौत हो गई थी। मृतक विजय शंकरन बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहा था। उसका साथी चंद्रशेखर उसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दूसरे वर्ष का छात्र था।