शालीमार बाग इलाके में शनिवार शाम लगी आग ने तीन जिंदगियों को लील लिया। जिस इमारत में आग लगी थी, वहां शुरूआत में चीखने चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। शोर-शराबा सुनकर आस-पास के लोग बिल्डिंग के पास इकट्ठा हो गये। इस बीच पहली मंजिल की रसोई से निकल रहे धुएं ने ऊंची लपटों का रूप धारण कर लिया।
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शालीमार बाग अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
बाहर खड़े लोग बस यह चाह रहे थे किसी तरह बिल्डिंग में फंसे लोगों को बाहर निकल लें लेकिन आग की भयावहता को देखकर कोई बिल्डिंग में जाने का साहस नहीं कर पा रहा था। इस बीच बचाओ-बचाओ की आवाज आना बंद हो गई। लोगों को लगा कि शायद बिल्डिंग में मौजूद लोग धुएं की चपेट में आकर अचेत हो गए हैं।
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fire in shalimar bagh
- फोटो : अमर उजाला
इधर धीरे-धीरे पुलिस और दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचना शुरू हो गईं। हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के लोग भारी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। खबर लिखे जाने तक शालीमार बाग के बी क्यू ब्लॉक में अफरातफरी का माहौल था। हर किसी की जुबान पर बस हादसे का ही जिक्र था।
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fire in shalimar bagh
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दमकल कर्मियों के साथ मिलकर किया बचाव
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शालीमार बाग थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार को जैसे ही हादसे की सूचना मिली वह तुरंत अपने स्टाफ के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
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शालीमार बाग अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने खुद 112 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। बाद में वह पुलिसकर्मियों के साथ बचाव कार्य में जुट गए। इस बीच थाने से और भी स्टाफ मौके पर पहुंच गया। अन्य थानों की पुलिस को भी मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक थाना प्रभारी राजेंद्र ने दूसरी मंजिल पर बने छज्जे के गेट को तोड़ा और दमकल कर्मियों की मदद से दो महिलाओं को बाहर निकाला।
जान की परवाह न करते हुए पुलिसकर्मियों ने मुंह पर गीले रुमाल रखकर बाकी हताहतों को बिल्डिंग से बाहर निकलने में मदद की। थाना प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि लोगों को बाद में किसी तरह बिल्डिंग से निकालकर नजदीकी फोर्टिस अस्पताल भेजा गया। इसके बाद आग पर काबू पाकर पूरी इमारत की तलाशी ली गई।