देहव्यापार में धकेलने से पहले गिरोह के सदस्य सीधी-साधी युवतियों और किशोरियों को अंग्रेजी बोलना सिखाते थे और व्यक्तित्व विकास की भी कक्षा दिलवाते थे। इससे बडे़ ग्राहकों के समक्ष युवतियों को पेश करके ज्यादा कमाई की जाती थी। झोलाछाप डॉक्टर संतोष करीब तीन साल पहले देह व्यापार का धंधा चलाने वाले हाकिम उर्फ मामा व सौरभ उसके संपर्क में आया।