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पहले सिखाते थे अंग्रेजी बोलना फिर मॉल में कराते शॉपिंग, देहव्यापार में धकेलने से पहले करते थे ये काम

Wed, 05 Sep 2018 09:05 PM IST
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
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sex racket busted in noida - फोटो : अमर उजाला
देहव्यापार में धकेलने से पहले गिरोह के सदस्य सीधी-साधी युवतियों और किशोरियों को अंग्रेजी बोलना सिखाते थे और व्यक्तित्व विकास की भी कक्षा दिलवाते थे। इससे बडे़ ग्राहकों के समक्ष युवतियों को पेश करके ज्यादा कमाई की जाती थी। झोलाछाप डॉक्टर संतोष करीब तीन साल पहले देह व्यापार का धंधा चलाने वाले हाकिम उर्फ मामा व सौरभ उसके संपर्क में आया।
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sex racket busted in noida - फोटो : अमर उजाला
उन्हीं के साथ प्रीति भी काम करती थी। संतोष ने ऐसी लड़कियों को शुरुआत में देह व्यापार के दलदल में धकेला जो उस पर विश्वास करती थीं। गरीब घर की लड़कियों वह इलाज के दौरान समझाता कि वह मॉडल बन सकती हैं। किशोरियां डॉक्टर के झांसे में आ जाती थीं। डॉक्टर उन्हें और अंग्रेजी के प्रचलित शब्द व व्यक्तित्व विकास की ट्रेनिंग दिलवाता था। जब यह कार्य पूरा हो जाता था तो दूसरे चरण में लड़कियों को घर वालों के खिलाफ तैयार करता था।
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sex racket busted in noida - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद लड़कियां खाने और पहनने की बात को लेकर लड़ जाती थीं। वह नौकरी करने के नाम पर घर से बाहर जाने लगती थी। पहले महीने में संतोष लड़कियों को 10 से 15 हजार रुपये देता था, जिससे परिजनों को संदेह न हो।

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sex racket busted in noida - फोटो : अमर उजाला
मॉल में कराते थे गिरोह के सदस्य खरीदारी
जब लड़की नौकरी के बहाने घर से निकल जाती थी तो उनको नोएडा से बाहर के मॉल में ले जाकर खरीदारी कराई जाती थी और उनको मॉडल आदि बनाने के नाम पर कपडे़ खरीदवाए जाते थे। उनको घर पर पुराने कपड़ों में भेजा जाता था, लेकिन खरीदवाए गए कपड़ों में उनके मॉडलिंग के नाम पर अश्लील फोटो और वीडियो बनवाए जाते थे। इसमें प्रीति की अहम भूमिका होती थी। मॉल्स में करीब 50 हजार रुपये तक खर्च किए जाते हैं।
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sex racket
22 अगस्त को किशोरी का अपहरण करने के बाद जब पुलिस ने उसे बरामद किया था तो माता-पिता भी उसे पहचान नहीं पाए थे। संतोष ने उनकी बेटी को छोटे कपडे़ पहना रखे थे। किशोरी की मां ने बताया कि डॉक्टर के पास अकसर बुखार आदि के लिए दवा लेने के लिए भेज देते थे। सभी लोग उस पर विश्वास करते थे, लेकिन जब उनकी बेटी गायब हो गई तो वह डॉक्टर से पूछने गई थीं कि उनकी बेटी तो नहीं आई। इस पर उसने मना कर दिया था, लेकिन किसी पड़ोसी ने बताया था कि उनकी बेटी को क्लीनिक पर देखा गया था। 
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