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एक लाख रुपये में हुआ था दोनों का सौदा और बना दिया सेक्स स्लेव

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सऊदी अरब के राजनयिक के गुड़गांव स्थित घर में पिछले एक महीने से सेक्स स्लेव बनाकर रखी गई मां-बेटी को जब पुलिस ने एक एनजीओ की मदद से छुड़ाया तो इन दोनों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए। जिस मैती इंडिया नामक एनजीओ की बहादुरी के चलते ये मामला उजागर हो सका उसके प्रतिनिधि बालकृष्ण पांडे ने बताया कि कैसे एक मजबूरी के चलते ये मां-बेटी दलालों के चंगुल में फंसी और अमानवीय यातना सहने को मजबूर हुईं।
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एक लाख रुपये में हुआ था दोनों का सौदा और बना दिया सेक्स स्लेव

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इस मामले में नेपाली युवतियों को छुड़ाने वाले एनजीओ के प्रतिनिधि बालाकृष्णन ने बताया कि इसी साल नेपाल में आए भूकंप में इनका घर तबाह हो गया था और इसी मजबूरी का फायदा उठा इन्हें नौकरी का झांसा देकर भारत लाया गया था।
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बालकृष्ण ने बताया कि इन्हें दिल्ली लाकर एक शख को सौंप दिया गया और उसी ने इन्हें सऊदी राजनयिको को सौंप दिया। दोनों को 15 दिन के लिए सऊदी भी ले जाया गया लेकिन वहां इन दोनों के साथ कोई भी गलत व्यवहार नहीं किया गया।

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जबकि सऊदी राजनयिक के चंगुल से छुड़ाई गई 20 वर्षीय पीड़ित लड़की की मां ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि सऊदी का ये आदमी बहुत अच्छा है और उन्हें सऊदी में काफी सुविधाएं देगा।
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अपनी बेटी के साथ सेक्स स्लेब बना दी गई 44 वर्षीय महिला ने बताया कि सऊदी में हम बहुत आराम से थे लेकिन फिर हमें दिल्ली लाया गया जहां हमारा शोषण किया गया। करीब 5-6 लोग आकर हमें लॉक कर जाते थे और हमारा शोषण करते थे। हमें चाकू दिखाकर डराया जाता था।
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वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता और वकील आभा सिंह ने कहा है कि दिल्ली पुलिस को जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करना चाहिए और सऊदी सरकार को इस बारे में सूचना देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वियना समझौते के ‌तहत तहत हम भले ही उनकी गिरफ्तारी नहीं कर सकते लेकिन, कानूनी कार्रवाई तो कर ही सकते हैं। (इस खबर को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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