शाहीन बाग में मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं
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पहले दिन से प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही शाहीन कौसर ने बताया कि रोज धरने-प्रदर्शन की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना से की जाती है। अंग्रेजी और हिंदी में सभी लोग एक साथ संविधान की प्रस्तावना पढ़ने के बाद उसकी रक्षा करने की शपथ लेते हैं। शाहीन ने बताया कि पूरी दुनिया की मीडिया में शाहीन बाग के प्रोटेस्ट की चर्चा है। पूरे देश से लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार आम लोगों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। छतरपुर से अपनी दो साल की बेटी के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई मुबीना ने बताया कि उन्हें जब भी समय मिलता है, वह देश और अपनी संस्कृति बचाने के लिए यहां आ जाती हैं।