साक्षी-अजितेश प्रेम विवाह मामले में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बार हुए खुलासे के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। भाजपा विधायक की कुछ व्हाट्सएप और फेसबुक अकाउंट की चेट वायरल हुई हैं। विधायक राजेश मिश्रा के कथित समर्थक ने सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप और फेसबुक अकाउंट चैट वायरल कर सनसनी मचा दी है। हालांकि भाजपा विधायक ने इन्हें फर्जी बताया है। साथ ही पुलिस से जल्द मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा है।
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साक्षी मिश्रा और अजितेश
- फोटो : ani
बदा दें कि हाल ही में साक्षी और अजितेश प्रकरण को लेकर कई तरह के वीडियो वायरल हुए थे तो सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की जानकारी से भ्रम फैलाने की कोशिश की गई जो अभी भी जारी है। इसी कड़ी में विधायक राजेश मिश्रा के कथित समर्थक ने सोशल मीडिया पर वाट्सअप चैट वायरल कर सनसनी मचा दी। फरीदपुर विधायक श्यामबिहारी लाल को अजितेश का रिश्तेदार दिखाकर विकास तिवारी नाम के अकाउंट से फर्जी चेट दिखा दी गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले विधायक के व्हाट्सएप अकाउंट से विकास तिवारी के व्हाट्सएप की अनर्गल टिप्पणियों भरी चेट दिखाई गई और बाद में इस चेट को विकास तिवारी के कथित फेसबुक अकाउंट पर डाल दिया गया। इसके बाद से ही फरीदपुर विधायक के खिलाफ कमेंट शुरू हो गए। विधायक प्रतिनिधि की ओर से इस मामले में बारादरी थाने में रिपोर्ट लिखा दी गई। विवेचना बिथरी इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। इधर, साइबर सेल को भी अकाउंट पता करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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व्हाट्स चेटिंग दिखाकर उसे फेसबुक पर शेयर करने वाले कथित विकास तिवारी को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल शिद्दत से जुटी है। विधायक भी चाहते हैं कि जल्दी ही सच सामने आ जाए। सोमवार रात विधायक ने साइबर सेल के दफ्तर में जाकर जांच में प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अपने व्हाट्सएप व फेसबुक अकाउंट से जुड़े अपडेट चेट के प्रिंट भी सौंप दिए।
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फेसबुक अकाउंट डिलीट न होने से उम्मीद बरकरार
- झूठ का जाल फैलाकर लोगों को फरीदपुर विधायक के खिलाफ भड़काने वाले कथित विकास तिवारी का असली नाम पता सामने लाने की कोशिश कामयाब हो सकती है। आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर डाली गई विवादित पोस्ट तो कुछ समय बाद ही यूआरएल के साथ डिलीट कर दी पर अभी उसका अकाउंट चल रहा है। साइबर सेल की ओर से फेसबुक मुख्यालय अमेरिका से इसका डाटा मांगा गया है। उम्मीद है कि कोई आपत्ति न लगी तो पंद्रह दिन में यह डाटा साइबर सेल को मिल जाएगा। इसमें आरोपी के नाम, पता, मोबाइल नंबर, लोकेशन जैसी सभी महत्वपूर्ण चीजें शामिल होती हैं जिसके बाद विवेचक को केवल गिरफ्तारी करना शेष रह जाता है।
विधायक बोले- हमने अपना काम किया, अब पुलिस जाने
फरीदपुर विधायक श्यामबिहारी लाल से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उनका कहना था कि फर्जी चेट दिखाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई थी जिसकी वजह से उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब इसमें सच और सही आरोपी तलाशने का काम पुलिस का है। उन्होंने अपनी ओर से संबंधित डाटा पुलिस को सौंप दिया है। कहा कि अनर्गल ही इन बातों को तूल दिया जा रहा है।