उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हत्या मामले में नया खुलासा सामने आया है। रोहित शेखर व उसकी मां उज्जवला को मोबाइल में बातचीत रिकार्डिंग करने की आदत थी। यही आदत अपूर्वा के खिलाफ बड़ा सबूत बन गई है। दिल्ली पुलिस ने मोबाइल रिकार्डिंग को आरोप पत्र का हिस्सा बनाया है। पुलिस ने रोहित व उज्जवला के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा हुआ है।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोहित शेखर तिवारी को हमेशा मोबाइल में बातचीत को रिकार्डिंग करने की आदत थी। पुलिस को रोहित के मोबाइल से 10 से 12 ऐसी मोबाइल रिकार्डिंग मिली हैं जिसमें रोहित कह रहा है कि उसकी जान को अपूर्वा से खतरा है और अपूर्वा उसे मार देगी। रोहित ने मोबाइल पर बात करते हुए कई लोगों को कही है। इसके अलावा रोहित की मां उज्जवला के मोबाइल से भी कुछ रिकार्डिंग मिली है।
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उज्जवला के मोबाइल रिकार्डिंग से पता चल रहा है कि रोहित की जान को खतरा था। पुलिस ने रोहित व उज्जवला के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक जांच से ही पता लगेगा कि रिकार्डिंग में आवाज रोहित की है या नहीं। दिल्ली पुलिस ने मोबाइल रिकार्डिंग को अपनी चार्जशीट का हिस्सा बताया है। रोहित की आवाज स्पष्ट होने के बाद रिकार्डिंग अपूर्वा के खिलाफ अहम सबूत बन जाएगी।
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Apoorva
- फोटो : Facebook
पुलिस बातचीत रिकार्डिंग को भी इसलिए अहम सबूत मान रही है कि जाकि ये सिद्ध हो सके कि अपूर्वा व रोहित के बीच शादी के बाद ये झगड़ा होता था। ये झगड़ा रोहित की हत्या का मुख्य वजह बनी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोहित को जब हार्टअटैक आया था और मैक्स में भर्ती था उस समय अस्पताल में रोहित व अपूर्वा का झगड़ा हुआ था।
रोहित ने इस झगड़े की वीडियो रिकार्डिंग कर ली थी। ये बात रोहित की हत्या से एक वर्ष पहले की है। इस रिकार्डिंग में रोहित कह रहा है कि अपूर्वा उसे मार डालेगी। पुलिस ने इस वीडियो को भी अपनी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। दिल्ली पुलिस अब कई रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।