हालांकि, यह देखते ही भाजपा के बाकी नेता भी सक्रिय हो गए और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी को जगह दिलाने के लिए कोशिश करते नजर आए। राहुल और लालकृष्ण आडवाणी के बीच इस तरह की नजदीकी कोई नई बात नहीं है। संसद में भी कई बार दोनों को एक-दूसरे के नजदीक बैठ बातें करते और ठहाके लगाते देखा जाता रहा है।