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संसद परिसर में हुआ कुछ ऐसा कि आडवाणी के लिए भीड़ से बाहर आए राहुल और पकड़ लिया उनका हाथ

Mon, 22 Jan 2018 02:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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parliament - फोटो : रवि बत्रा
राजनीति में विरोधियों का एक साथ दिखना कोई नई बात नहीं है। कभी कोई अपनी ही पार्टी छोड़ धुर विरोधी पार्टी का हिस्सा बन जाता है, तो कभी अपनी ही पार्टी में कोई बगावती बन जाता है। लेकिन अपनी ही पार्टी में रहते हुए पराए हो जाने के किस्से कभी-कभी ही दिखने को मिलते हैं। ऐसा ही मंजर दिल्ली में संसद भवन के बाहर तब देखने में आया जब संसद पर हमले की 16वीं बरसी के मौके पर सभी पार्टियों के नेता श्रद्घांजलि देने के लिए जमा हुए। (सभी फोटोः रव‌ि बत्रा)

संसद हमले की बरसी पर टूटी 16 साल पुरानी परंपरा, पहली बार नहीं हुआ ये काम


 
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- फोटो : रवि बत्रा
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जब यहां पहुंचे तो कुछ ऐसी ‌स्थिति पैदा हो गई जिसे सामान्य करने के लिए खुद राहुल गांधी को आगे आना पड़ा।
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parliament - फोटो : रवि बत्रा
बुधवार को सद हमले में शहीद हुए बहादुरों को श्रद्घांजलि देने के क्रम में सबसे पहले उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन आगे बढ़ीं। उनके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्राधनमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रद्घांजलि दी।

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parliament - फोटो : रवि बत्रा
इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जब पहुंचे तो उनके खड़े होने की जगह ही नहीं थी। ऐसे में वह किनारे जाकर खड़े हो गए। 
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- फोटो : रवि बत्रा
यह देखते ही सोनिया गांधी के पीछे खड़े राहुल गांधी एकदम से बाहर आए और आडवाणी को पकड़कर ले जाने लगे और उन्हें उचित स्थान दिलवाया।
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- फोटो : रवि बत्रा
हालांकि, यह देखते ही भाजपा के बाकी नेता भी सक्रिय हो गए और उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी को जगह दिलाने के लिए कोशिश करते नजर आए। राहुल और लालकृष्ण आडवाणी के बीच इस तरह की नजदीकी कोई नई बात नहीं है। संसद में भी कई बार दोनों को एक-दूसरे के नजदीक बैठ बातें करते और ठहाके लगाते देखा जाता रहा है।
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