भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है, लेकिन सीबीआई को भी जांच में कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। (सभी फोटोः सुदर्शन/अमर उजाला)
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पुलिस की उलझी गुत्थी को सुलझाने में सीबीआई को नए सिरे से जांच करना होगी। पुलिस की थ्योरी से इतर नए एंगल पर जांच करना सीबीआई के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती सीबीआई के लिए हत्या का मकसद तलाशना होगा। पुलिस जांच में अब तक प्रद्युम्न की हत्या का मकसद साफ नहीं हुआ है।
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प्रद्युम्न की हत्या के एक सप्ताह बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीबीआई जांच की घोषणा की थी। मामला सीबीआई तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह का और समय लगेगा। दो हफ्ते से अधिक समय बीतने के बाद कई सबूत नष्ट होने का खतरा है। इससे मौका-ए-वारदात पर सीबीआई को अधिक कुछ नहीं मिलेगा। ऐसे में पुलिस द्वारा दिए गए सबूत के आधार पर ही सीबीआई को शुरुआती दौर में आगे बढ़ना होगा। हालांकि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद मुख्य आरोपी अशोक, स्कूल के दो गिरफ्तार स्टाफ फ्रांसिस थॉमस, जेयस थॉमस, अन्य शिक्षकों, स्कूल से निकाले गए गार्ड, माली हरपाल, बस ड्राइवर और पूर्व प्रिंसिपल समेत अन्य से नए सिरे से पूछताछ की जाएगी।
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प्रद्युम्न की हत्या में एक नहीं बल्कि कई सवाल ऐसे हैं जिनका पुलिस अब तक जवाब नहीं ढूंढ पाई है। प्रद्युम्न के परिजन बार-बार यह कह रहे हैं कि जरूर प्रद्युम्न ने कुछ ऐसा देख लिया था, जिसका भेद खुलने का डर था और उसकी हत्या कर दी गई। सीबीआई के लिए यह भी चुनौती है कि आखिर मासूम प्रद्युम्न ने क्या देख लिया था?
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इन सवालों का जवाब ढूंढ़ना बनेगा चुनौती
-प्रद्युम्न की हत्या की सूचना वरुण ठाकुर को उसे स्कूल के गेट पर छोड़ने के 15 मिनट बाद मिली। ऐसे में करीब 5 मिनट के भीतर हत्या हो गई। आखिर इतने कम समय में मासूम को क्यों मारा गया होगा?
-स्कूल में आने के बाद प्रद्युम्न सीधे टॉयलेट क्यों गया? जब वह टॉयलेट गया तो पीठ पर बैग क्यों था। यह सवाल और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रद्युम्न कक्षा से केवल 27 कदम ही दूर था। और वह चाहता तो अपना बैग कक्षा में रखकर जा सकता था।
-पुलिस के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या टॉयलेट में बस कंडक्टर अशोक ने की थी। अशोक जब कुकर्म करने में फेल हो गया तो गला रेतकर हत्या कर दी। यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खारिज कर दी है। तो सवाल उठता है कि अशोक ने प्रद्युम्न को क्यों मारा? अशोक ने प्रद्युम्न को नहीं मारा तो किसने मासूम की हत्या की।
-पुलिस का दावा है कि कंडक्टर अशोक टॉयलेट में कुछ गलत काम कर रहा था, तो ऐसे में उसने टॉयलेट का दरवाजा भीतर से बंद किया होगा। ऐसे में बच्चे ने क्या देख लिया, जिसके कारण हत्या हो गई। टॉयलेट में सुबह-सुबह जब बच्चों के आने जाने का समय है, तो आरोपी अशोक टॉयलेट का दरवाजा खोलकर उसमें कोई गलत काम क्यों करेगा?
-पुलिस का कहना है कि अशोक के पास जो चाकू मिला वो बस के टूल किट का हिस्सा था। जबकि बस ड्राइवर ने टूल किट में चाकू होने से इंकार किया है। चाकू के ऊपर स्टीकर लगा हुआ है। इसका मतलब चाकू नया है। नया चाकू स्कूल में कौन लेकर आया और क्यों? क्या उसी चाकू से हत्या हुई या कोई और हथियार था?
-पुलिस का कहना है कि अशोक चाकू को धोने के लिए टॉयलेट में लेकर गया था। टूलकिट के तमाम औजारों में से आखिर चाकू को ही क्यों धोने गया था? और औजारों को धोने क्यों नहीं ले गया?
-पुलिस के मुताबिक अशोक ने अपने कपड़े पर खून के दाग छुपाने के लिए गला काटने के बाद प्रद्युम्न को गोद में उठा लिया था, जबकि माली अशोक का कहना है कि अंजू मैडम के कहने पर अशोक ने प्रद्युम्न को उठाया था। अशोक बाहर से आया था। एक वीडियो में भी यह सामने आया है।
-जिस टॉयलेट में प्रद्युम्न की हत्या हुई उसकी खिड़की का सरिया टूटा नहीं, बल्कि कटा हुआ है। खिड़की का सरिया जंग लगकर खराब नहीं हुआ है। टॉयलेट की खिड़की का सरिया किसने और क्यों काटा? पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है।