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नवरात्र में फलाहार पड़ेगा जेब पर भारी: आलू लगा सकता है अर्धशतक, हरी सब्जियों में भी लगी महंगाई की आग

Sun, 25 Sep 2022 07:49 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बारिश की वजह से महंगी हुईं सब्जियां - फोटो : अमर उजाला
सब्जियों के राजा आलू आम लोगों की थाली से दूर होता जा रहा है। खुदरा बाजार में जहां इसकी कीमत 40 रुपये के पार चली गई तो वहीं थोकमंडी में भी चार रुपये की तेजी के साथ 16-22 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है। बारिश की वजह से अभी और भाव चढ़ने की उम्मीद आढ़ती लगा रहे हैं। आने वाले सप्ताह में इसके भाव 50 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने की उम्मीद है।
 
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आलू - फोटो : Istock
इस नवरात्र फलाहार करना व्रतियों के लिए महंगा होने वाला है। फलों के भाव तो पहले से ही बढ़े हुए हैं अब आलू भी आसमान छू रहा है। भाव में तेजी इस कदर देखने को मिल रही है कि थोकमंडी में भी प्रतिदिन दो से चार रुपये भाव तेज हो जा रहा है। आजादपुर मंडी के आढ़ती संदीप खंडेलवा का कहना है कि होशियारपुर से नवंबर के महीने में आलू की नई खेप हर साल आ जाती है। लेकिन इस बार बारिश की वजह से आलू को नुकसान पहुंचा है। 
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आलू की खेती - फोटो : Istock
इसी तरह उत्तर प्रदेश के कायमगंज के एरिया में कच्ची आलू की खेप को भी नुकसान पहुंचा है। लिहाजा स्टॉक में पड़े आलू की कीमत में तेजी तो आई ही है साथ ही बुधवार तक और तेजी आने की उम्मीद है। रविवार को थोक भाव में दो रुपये की तेजी के साथ आलू 16-22 रुपये प्रति किलो बिका तो आने वाले समय में चार रुपये की तेजी के साथ 20-25 रुपये होने की उम्मीद है जबकि शनिवार को 14-20 रुपये प्रतिकिलो बिका था। लिहाजा आलू के भाव अब और अधिक आसमान छूने की उम्मीद है। 

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आलू किसान - फोटो : Amar Ujala
उधर, थोक भाव में आलू की कीमत बढ़ने का असर खुदरा भाव में जबरदस्त रूप से दिखाई दे रहा है। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रेहड़ी-पटरी पर बिकने वाले आलू के भाव 40 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया है। आलू के साथ प्याज टमाटर के भाव भी बढ़े हुए हैं। नवरात्र की वजह से थोकभाव में तो कीमत कम है लेकिन खुदरा बाजार में अधिक है। आजादपुर मंडी में प्याज का 40 किलो का कट्टा 600 रुपये में बिका यानी 25 रुपया प्रतिकिलो तो 25 किलो वाला टमाटर का कैरेट 800-1000 रुपया यानी 35-40 रुपया प्रतिकिलो तो वहीं खुदरा बाजार में टमाटर 80 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया। इसी तरह प्याज 35-40 रुपया प्रतिकिलो। 
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हरी सब्जी - फोटो : अमर उजाला
हरी सब्जियों में भी महंगाई की आग
आलू प्याज के साथ हरी सब्जियों के दाम में भी पिछले तीन दिनों में जबरदस्त उछाल आया है। बढ़ते दाम ने तमाम घरों का बजट बिगाड़ दिया है। कुछ सब्जियों के दाम तो फलों से भी महंगे हो गए हैं। भिंडी, परवल, खीरा, नेनूआ, शिमला मिर्च, बैंगन समेत कई सब्जियां लोगों को रुला रही। 
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सब्जी मंडी - फोटो : अमर उजाला
आजादपुर मंडी में सब्जियों का कारोबार करने वाले ने बताया कि लगातार हो रही बारिश ने सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। इसके कारण मंडी में भी हरी सब्जियां महंगी आ रही है। जो फुटकर बाजार में जाने के बाद और महंगी हो जा रही है। 
 
सब्जी पहले अब
टमाटर 30-40 70-80
शिमला मिर्च 60-70 80-90
बैंगन 25-30 50-60
नेनुआ 25-30 40
भिंडी 30 40-50
फूल गोभी  40 50-60
अदरक 40 70-80
आलू 30 40
प्याज 25 40

नोट: रुपये प्रतिकिलो खुदरा बाजार में है।
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सब्जी मंडी - फोटो : अमर उजाला
क्या कहती है महिलाएं
सब्जियों के भाव दिनोंदिन बढ़ रहे है। पहले खाना पकाने के लिए पीएनजी व गैस सिलिंडर महंगे हुए तो अब आम लोगों के इस्तेमाल में आने वाला आलू भी 40 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है। अगर एक आलू की कीमत लगाए तो 2-3 रुपये में मिल रहा है। हरी सब्जियां भी बेलगाम हो गई है जबकि अच्छी सेहत के लिए हरी सब्जियां और फल खाना बेहद आवश्यक है। -मधुलिका गुप्ता

हर मौसम में सब्जियों के भाव बढ़े रहते है। कभी अधिक गर्मी की वजह से भाव में तेजी आती है तो कभी बारिश की वजह से। मंडी में फल व सब्जियों की कीमत उतार-चढ़ाव दिखते भी है तो खुदरा बाजार में इसके भाव कभी कम नहीं होता है। नवरात्र के दौरान तो फल भी महंगे हो गए है। इससे आम लोगों के किचेन का बजट बिगड़ा रहता है। -शीतल श्रीवास्तव
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