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प्रधानमंत्री मोदी ने किया 21 दिन के लॉकडाउन का एलान तो गौतम गंभीर ने दिया कुछ ऐसा रिएक्शन

Wed, 25 Mar 2020 04:48 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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gautam gambhir - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 8 बजे पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते पूरे देश से प्रधानमंत्री ने अपील की है कि वह लोग सिर्फ घर में ही रहें। जब तक बेहद इमरजेंसी की स्थिति न हो तब तक बाहर न निकलें। उन्होंने कहा इसे कर्फ्यू ही समझिए और अगर इन 21 दिनों में जरा भी गलती हुई तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा। प्रधानमंत्री की इसी अपील पर सांसद गौतम गंभीर ने भी एक ट्वीट कर अपनी बात कही। जानिए गंभीर ने ऐसा क्या कहा...
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गौतम गंभीर - फोटो : सोशल मीडिया
गौतम गंभीर ने प्रधानमंत्री के एलान के बाद ट्वीट कर लिखा कि, 'वो लोग जो हमेशा पूछते हैं कि हम देश के लिए क्या कर सकते हैं... यह सही समय है अपनी वफादारी दिखाने का! हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की बात मानिए और घरों में रहिए! अगर हम इन 21 दिनों तक घर में रह गए तो जीत जाएंगे।' सिर्फ गौतम गंभीर ने ही नहीं समाज के हर वर्ग के लोग यह कह रहे हैं कि हमें अपने घरों में रहना चाहिए और 21 दिन के लॉकडाउन का समर्थन करें।



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- फोटो : pti
क्या बोले थे पीएम
कोरोना महामारी के खतरे से देश को बचाने के लिए पीएम मोदी ने मंगलवार की आधी रात से पूरे देश में 21 दिनों केलॉकडाउन की घोषणा की है। महज 72 घंटे के बाद राष्ट्र के नाम अपने दूसरे संबोधन में पीएम ने कहा कि देश और नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। पीएम ने देशवासियों से इस महामारी की चुनौती से पार पाने के लिए अपने अपने घरों को ही लक्ष्मण रेखा बनाने की अपील की। इस महामारी को देश के लिए अग्निपरीक्षा की घड़ी बताते हुए पीएम ने इस महामारी से निपटने की तैयारियों के लिए 15000 करोड़ के पैकेज की घोषणा की है।

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पीएम नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : PTI
अपने संबोधन में पीएम ने से इस महामारी की भयावहता के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के सर्मथ्य सर्मथ्य देश भी इसका मुकाबला करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इटली, अमेरिका, ईरान, चीन जैसे देश जिनके यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हैं, ऐसे देश भी इस महामारी के सामने बेबस हैं।  विशेषज्ञों की राय और इस महामारी से जूझ रहे देशों के अनुभव बताते हैं कि इससे बचने का एक मात्र विकल्प सोशल डिस्टेंसिंग ही है। इसी एकमात्र विकल्प को अपना कर ये देश इस चुनौती से पार पाने में आंशिक रूप से सफल हो रहे हैं।

पीएम ने कहा कि  जाहिर तौर पर इस फैसले बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। मगर इस समय सरकार की प्राथमिकता अपने देश के एक-एक नागरिकों के जीवन की रक्षा है। केंद्र और राज्य सरकारों के लिए भी अभी स्वास्थ्य  ही पहली प्राथमिकता है। जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है उसे अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता देनी ही होगी।
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- फोटो : ani
जान है तो जहान है
पीएम ने इस दौरान 21 दिनों के लॉकडाउन में सहयोग करने की अपील की और कहा कि यह जनता कफ्र्यू से भी आगे बढ़ाया गया एक कदम है। इसे कफ्र्यू ही समझिये। अपने अपने घरों की लक्ष्मण रेखा को मत लांघिये। क्योंकि जान है तो जहान है। यह समय संकल्पों को मजबूत बनाने और संयम बरतने का है। लोगों को समझना होगा कि इसके अलावा किसी के पास इस महामारी से निपटने का दूसरा कोई विकल्प नहीं है। मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार के, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का लॉकडाउन, लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए, उतना ही महत्वपूर्ण है।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया - फोटो : PTI
ऐसे किया आगाह
पीएम ने इस दौरान लापरवाही बरतने वालों और इस खतरे को कम करके आंकने वालों को नसीहत भी दी। पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे।
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