हाईकोर्ट ने विवादित फिल्म पद्मावत पर रोक के लिए दायर याचिका को सुनने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से आकर राजपूत संगठन जौहर स्मृति संस्थान की ओर से याचिका दायर कर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।
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law
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने फिल्म पर रोक के लिए दायर भंवर सिंह की याचिका सुनने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर है, इसलिए यह कोर्ट इस मामले में दखल नहीं कर सकता।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पेश याचिका दायर करने वाले भंवर सिंह का कहना है कि यह फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है और राजपूत समाज की छवि खराब करती है। इस फिल्म को दिया गया सेंसर बोर्ड का प्रमाणपत्र पूरी तरह गलत है।
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याचिका में सिनेमाटोग्राफी एक्ट की धारा 5-सी को रद्द करने की मांग की गई है। याची का कहना है कि यह धारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन करती है।
यह अनुच्छेद सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार प्रदान करता है। इसके अलावा यह नागरिकों के बीच धर्म, जाति व भाषा के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है।