गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने पद्म पुरस्कारों का एलान कर दिया है। भारत सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण तथा पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजने का एलान किया है।
इनके अलावा गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार ने लंगर बाबा, चाचा शरीफ, अंकल मूसा, अक्षर संत, सुंदरबन के सुजान और हाथी के साथी जैसे नामों से पहचाने जाने वाली उन 21 शख्सियतों को भी पद्मश्री से नवाजने का एलान किया है, जो हमारे गणतंत्र में आम आदमी का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अपने काम से खास बन गए हैं।
इनमें से एक नाम है भजन गायक मुन्ना मास्टर का, जो पिछले साल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में प्रवक्ता पद पर नियुक्ति के बाद चर्चा में आए डॉ. फिरोज खान के पिता हैं, आपको बता दें कि डॉ. फिरोज की नियुक्ति का काफी विरोध हुआ था।
इसके बाद डॉ. फिरोज खान ने यहां से त्यागपत्र देकर कला संकाय में नियुक्ति ले ली थी। जयपुर के पास बगरू के रहने वाले पिता मुन्ना मास्टर राम-कृष्ण भजन गाते हैं। वह अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
इन्होंने 'श्री श्याम सुरभि वंदना' नाम से एक किताब भी लिखी है। आपको बता दें कि 61 वर्षीय मुन्ना मास्टर के भजन सुनकर लोगों का मन पवित्र हो जाता है। जयपुर के बगरू में जन्मे मुन्ना मास्टर की पीढ़ियां भजन गाती थीं सो इन्होंने भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया।