भारत में पहली बार ड्राइवर लेस (अन अटैंडेड ट्रेन ऑपरेशन) मेट्रो ट्रेन का ट्रायल मंगलवार को दिल्ली मेट्रो ने शुरू कर दिया। इस फुली आटोमेशन मेट्रो ट्रेन के ट्रायल रन को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरी झंडी दिखाई। ट्रायल की सफलता के बाद इसे साल के अंत तक शुरू होने वाले फेज-तीन के ट्रैक पर उतारा जाएगा।
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ट्रायल के लिए सज धज कर तैयार बिना ड्राईवर की मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
यह ट्रायल फिलहाल ड्राइवर के साथ शुरू होगा, जोकि बाद में हटा दिए जाएंगे। ट्रायल रन मुकुंदपुर मेट्रो ट्रेन डिपो से मजलिस पार्क तक हुआ। यह ट्रायल आगे फेज-तीन की पिंक लाइन मजलिस पार्क से शिव विहार कॉरिडोर लाइन पर होगा। अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर कहा कि वह पूरी मेट्रो टीम को बधाई देते हैं। अब दिल्ली मेट्रो वर्ल्ड के दूसरे मेट्रो की श्रेणी में खड़ा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ ऑड-ईवन से काम नहीं चलेगा। हमें अपने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुधारना होगा।
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अंदर से कुछ ऐसी नजर आती है बिना ड्राईवर की मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मेट्रो से सबक लेने की जरूरत है, क्योंकि इसने सफर को इतना आसान बनाया है कि कार छोड़कर लोग मेट्रो की तरफ रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है इस तकनीक से मेट्रो का सफर और सुखद होगा। वेंकैया नायडू ने कहा कि दिल्ली मेट्रो एक मॉडल की तरह है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। हमें मेट्रो की ही तरह बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट देना होगा। उन्होंने कहा कि वह जब भी दिल्ली के बाहर से आते हैं, तो मेट्रो का सफर करके अपने कार्यालय पहुंचते हैं। इससे टेंशन कम और अटेंशन ज्यादा रहता है।
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ट्रायल के लिए सज धज कर तैयार मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि देशभर में 300 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर काम चल रहा है। इससे ज्यादा पर योजना के लिए अलग-अलग राज्य मांग कर रहे हैं। उन्होंने मेट्रो के ईको फ्रेंडली निर्माण और सोलर एनर्जी के प्रयोग को लेकर भी तारीफ की। मेट्रो के मुताबिक, इसका ट्रायल पिंक लाइन से शुरू किया गया है, जोकि बाद में मजेंटा लाइन पर भी होगा। इसमें ड्राइवर केबिन नहीं होने से यात्रियों को लाभ मिलेगा। इसमें ज्यादा लोग सफर कर पाएंगे। मेट्रो के मुताबिक, मुकुंदपुर से जिस मेट्रो डिपो से पूरा ट्रायल शुरू हुआ है, वहां सोलर प्लांट का भी शुरू किया गया है। इससे छह किलोवाट से ज्यादा बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
ट्रायल रन के लिए तैयार यार्ड में खड़ी नई मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
बिना चालक के मेट्रो की खास बातें-
81 ड्राइवर लेस मेट्रो ट्रेनें दिल्ली मेट्रो ने खरीदी हैं।
19 दक्षिण कोरिया में बन रही हैं।
61 बंगलूरू में बनकर तैयार हो रही हैं।
240 लोग पहले की तुलना में ज्यादा यात्रा कर पाएंगे।
67 फीसदी ट्रेनों का मोटर कार होगा, दो डिब्बे बिना मोटर वाले होंगे।
20 फीसदी ऊर्जा की खपत कम होगी।
वाई-फाई की सुविधा भी
ड्राइवर लेस इस मेट्रो ट्रेन में वाई-फाई देने की भी तैयारी है। इन डिब्बों को इसी मकसद से तैयार किया गया है। दरवाजों पर स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिसमें मेट्रो से जुड़ी सूचनाओं के अलावा वीडियो भी चलाया जा सकता है। इसके अलावा दिव्यांगों के लिए मेट्रो ट्रेन ज्यादा आरामदायक होगी। व्हील चेयर वाले हिस्से में पीठ को सहारा देने के लिए विशेष बैकरेस्ट लगाया गया है। खड़े होकर यात्रा करने वालों के लिए पोल व ग्रैब रेल को दोबारा से डिजाइन किया गया है।