साल 2012 तक एपेक्स और सियान टावर महज 13 मंजिल तक बन पाए थे, लेकिन जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो बिल्डर ने परियोजना के काम को ऐसी रफ्तार दी कि डेढ़ साल में ही 19 मंजिल का अतिरिक्त निर्माण कर डाला। 2014 में हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद काम बंद हो गया। बिल्डर की चालाकी काम नहीं आई। टावरों की ऊंचाई इसलिए बढ़ाई, ताकि कोर्ट ऐसा कोई फैसला न ले सके। इससे किसी तरह का नुकसान हो, लेकिन हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नागरिकों और पर्यावरण की सुरक्षा को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, अगर ये टावर दूसरे संशोधित प्लान के अनुसार 24 मंजिल तक ही बनाए जाते तो शायद आज इनके तोड़ने की नौबत न आती। यहां आगे जानिए कब-कैसे और क्या-क्या हुआ...