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Noida Protest: नेतृत्व विहीन प्रदर्शन बना चुनौती का सबब, समझाने के लिए किसी नेता या संगठन का विकल्प नहीं दिखा

Wed, 15 Apr 2026 01:34 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा में सोमवार को हुआ नेतृत्व विहीन प्रदर्शन चुनौती का सबब बन गया। प्रशासन और पुलिस के पास वार्ता और समझाने को किसी नेता या संगठन का विकल्प नहीं दिखा। हर कंपनी के श्रमिक अलग थे। दोपहर से चारों तरफ हंगामा बढ़ने से पुलिस टीमें किसी एक जगह पर केंद्रित नहीं रह पाईं, मंगलवार की सुबह से ही काफिले में टीमें निकलीं।
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नोएडा के सेक्टर साठ में लगी बैरिकेडिंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा शहर में सोमवार को सड़कों पर उतरे श्रमिकों की मांगे भले एक जैसी थीं लेकिन इनका उग्र प्रदर्शन नेतृत्व विहीन था। यही बड़ी वजह रही कि प्रदर्शन को संभाल पाना प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती का सबब बना। अधिकारी श्रमिकों से बात कर उनकी मांगों पर शासन और प्रशासन के सकारात्मक रुख की जानकारी देना चाह रहे थे। 

हंगामा कर रहे श्रमिकों को समझाकर भी रोका जा सकता था। 0वार्ता के लिए इस प्रदर्शन की अगुवाई करने वाला कोई भी संगठन नहीं था न ही कोई नेता था। अलग-अलग कंपनी व फैक्टरी के श्रमिक अलग-अलग ही सड़क पर उतरे। 
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान महिलाओं को समझाते पुलिस अफसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नतीजा यह हुआ कि औद्योगिक सेक्टरों में भी चारों तरफ चक्का जाम की स्थिति बन गई। फिर यह भीड़ बेकाबू हुई तो तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई जगह पर अगजनी भी हुई। उपद्रव रोका जाए या वार्ता कर अलग-अलग कंपनी के श्रमिकों को समझाया जाए इस दुविधा के चौराहे पर पुलिस प्रशासन नजर आया।
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नोएडा में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
यह भी नहीं कहा जा सकता है कि श्रमिकों के इस प्रदर्शन से जुड़ी पूर्व सूचना पुलिस-प्रशासन को नहीं थी। प्रदर्शन इतना बड़ा और उग्र होगा यह अंदाजा भले नहीं होगा। पुलिस ने रविवार की देर शाम से ही औद्योगिक सेक्टरों को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेंडिंग और बांस-बल्ली लगाना शुरू कर दिया था। 

 

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नोएडा में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
देर रात तक यह तैयारी चली। सोमवार सुबह सामान्य तरीके से कंपनियां खुलीं और शांति से श्रमिक आए। लेकिन काम करने आए श्रमिक अचानक प्रदर्शन में शामिल होना शुरू हो गए। फिर फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र से हुई शुरुआत तेजी से सेक्टर-57, 58, 59, 62, 63 की तरफ फैली। 
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नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बीच ही सेक्टर-15 की तरफ भी श्रमिकों का प्रदर्शन शुरू हो गया।मंगलवार को पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सुबह से ही अलग-अलग क्षेत्रों के लिए टीमें काफिलें के रूप में निकलीं।

 
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नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रास्ता रोकने के लिए महिलाओं को किया गया था आगे
कर्मचारियों के इस प्रदर्शन में तोड़फोड़ व उपद्रव से पहले शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई। इससे जन जीवन अस्त-व्यवस्त हुआ। पुलिस कई तथ्यों पर जांच भी कर रही है। अपनी कंपनी के सामने सड़क पर बैठकर मांग उठाने वाले श्रमिक दूसरी कंपनियों की तरफ कैसे गए। जाम के बाद तोड़फोड़ किसके उकसाने पर हुई। इन तथ्यों को पुलिस खंगाल रही है।

 
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नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों, सफाई कर्मियों व फ्लैट खरीदारों के प्रदर्शन में वार्ता से निकलता है हल
बात अगर शहर में विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने और खत्म कराने के लिए पुलिस की रणनीति पर करें तो वह वार्ता आधारित ही रहती है। यही शांति का रास्ता भी है। पिछले वर्षों में किसानों के बड़े आंदोलन नोएडा में हुए। किसान दिल्ली के लिए भी निकले लेकिन वार्ता के विकल्प से पुलिस और प्राधिकरण के लिए सहजता रही। 

 
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प्रदर्शनकारियों को समझाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी तरह पिछले दिनों सफाई कर्मचारियों ने जब बड़ा आंदोलन किया तब भी पुलिस और प्राधिकरण ने वार्ता कर शांत करवाया और कर्मचारी काम पर लौटे। फ्लैट खरीदारों के प्रदर्शन में भी इसी तरह वार्ता और ज्ञापन लेने का विकल्प रहता है। ऐसा अनियोजित गोरिल्ला प्रदर्शन पिछले कई वर्षों से शहर में हुआ नहीं था।
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