कोरोना की मार झेल रहे पीड़ित परिवारों को आपदा में अवसर तलाश रहे अस्पतालकर्मियों की करतूतों का भी शिकार होना पड़ रहा है। ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती की गई महिला मरीज की मौत के बाद उसके कान से चार बालियां चोरी करने का शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन मामले में ठोस कार्रवाई के बजाय सुरक्षा एजेंसी को जिम्मेदार ठहराकर मृतका के पति को बालियां वापस करने के लिए चक्कर लगवा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मूलरूप से बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी लोकेंद्र ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और परिवार के साथ दादरी में रहते हैं। उनके दो बच्चे हैं। पत्नी सीमा (35) कोरोना संक्रमित हो गई थी। टेस्ट आदि के बाद ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल से होम क्वारंटीन की सलाह दी गई। इसके बाद सीमा का घर से इलाज चलने लगा, लेकिन 9 मई को हालत बिगड़ गई तो ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन सीमा ने दम तोड़ दिया। वह शव लेने पहुंचे तो सीमा के कान से चार बालियां चोरी कर ली गईं थीं।
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फाइल फोटोश्मशान घाट पर संक्रमितों के शव को ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इसकी शिकायत की तो प्रबंधन ने शुरू में आनाकानी की, लेकिन बाद में सिक्योरिटी कंपनी से जल्द बालियां दिलाने का आश्वासन दिया। शनिवार को लोकेंद्र फिर से अस्पताल पहुंचे और बालियां लौटाने की मांग की, लेकिन प्रबंधन ने फिर से कुछ दिन बाद आने की बात कहकर टरका दिया।
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कोरोना का कहर
- फोटो : पीटीआई
बिल वसूली के लिए शव न देने पर हुआ था हंगामा
लोकेंद्र ने बताया कि उन्होंने पत्नी को भर्ती कराने के दौरान 50 हजार रुपये पहले जमा किए गए थे। मौत के बाद भी कई घंटे तक बिल बढ़ाया गया और शव मांगने पर 1.17 लाख का बिल थमा दिया गया।
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corona virus
- फोटो : PTI
‘मृत पति की उंगलियों से खोला मोबाइल और अंगूठियां चुराईं’
सीमा के शव से बालियां चुराने का मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद शोभना रावत ने भी ट्विटर पर लिखा कि पति की मृत्यु के बाद ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उनकी उंगली से मोबाइल का सेंसर लॉक खोल लिया और अंगूठियां भी चुरा लीं।
सुरक्षाकर्मियों ने सभी सामान वापस करने संबंधित दस्तावेज पर पहले ही परिजन के हस्ताक्षर करा लिए थे। इससे उन्होंने शिकायत भी नहीं की। इससे पहले जमालपुर गांव निवासी युवक की कोरोना से मौत के बाद आईसीयू से मोबाइल चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में बीटा-2 थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।