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ग्रेटर नोएडा: सीक्रेट कैमरों ने खोली डॉक्टर के अश्लीलता की पोल, 30 साल बाद वैज्ञानिक पत्नी ने मांगा तलाक

Mon, 12 Jul 2021 11:41 AM IST
पूजा त्रिपाठी जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

पारिवारिक विवाद समझौता क्लीनिक का उद्घाटन 10 जुलाई 2020 को हुआ था। पिछले एक साल में क्लीनिक पर पहुंचे 188 मामलों में से 168 में समझौता कराने में कामयाबी हासिल की है।
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family dispute resolution clinic - फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में पुलिस और शारदा विवि के संयुक्त प्रयास से चल रहे पारिवारिक विवाद समझौता क्लीनिक पेचीदा मामलों को भी सुलझाने में सफल रहा है। विवाह के 30 वर्ष बाद एक डॉक्टर की अश्लील बातें सीक्रेट कैमरे में कैद हुई तो उनका वैज्ञानिक पत्नी और बेटे से विवाद हो गया। बात तलाक तक जा पहुंची। लेकिन तीन माह के दौरान हुई सात काउंसलिंग सत्र के बाद दोनों ने एक बार एक दूसरे का हाथ थाम लिया। समझौता क्लीनिक ने विवाह के 15 दिन और 17 साल बाद भी दो जोड़ों को अलग होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि पुलिस आयुक्त इसी तरह की क्लीनिक पूरे प्रदेश में चलाने के लिए डीजीपी के सामने प्रस्ताव रखने वाले हैं। पारिवारिक विवाद समझौता क्लीनिक का उद्घाटन 10 जुलाई 2020 को हुआ था। पिछले एक साल में क्लीनिक पर पहुंचे 188 मामलों में से 168 में समझौता कराने में कामयाबी हासिल की है।
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family dispute resolution clinic - फोटो : अमर उजाला
काउंसलिंग टीम की सदस्य शारदा अस्पताल की कानूनी विशेषज्ञ रितु गौतम ने बताया कि उनके पास विवाह के 30 वर्ष बाद डॉक्टर व वैज्ञानिक दंपती के विवाद का मामला सामने आया। वैज्ञानिक महिला व उसके बेटे को शक था कि डाक्टर का किसी महिला से अवैध संबंध है। इसके चलते मां-बेटे ने मिलकर सच्चाई जानने के लिए पिता के कमरों और कार में सीक्रेट कैमरे लगा दिए। कुछ दिन बाद डॉक्टर फोन पर किसी से अश्लील बातें करते कैमरे में कैद हुए थे। इस बात को लेकर बात विवाद इतना बड़ा कि उनके बेटे ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया।
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family dispute resolution clinic - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दंपती तलाक लेने पर अड़ गए। मामले में पुलिस से शिकायत की गई। इसके बाद दंपती को बुलाकर काउंसलिंग की गई। वरिष्ठ होने के कारण दंपती सुनने को तैयार नहीं थे। काउंसलिंग टीम ने उन्हें मौजूद हालातों, सामाजिक प्रभाव, बच्चों व बुजुर्ग अवस्था में उनके भविष्य आदि का हवाला देकर समझाया गया। इसके बाद दंपती फिर से एक हो गए।  

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family dispute resolution clinic - फोटो : अमर उजाला
विवाह के 15 दिन बाद परिजन कराना चाहते थे तलाक 
ग्रेनो के एक सर्वण युवक ने दलित युवती से परिजनों की मंजूरी के बिना विवाह किया था। विवाह के 15 दिन बाद ही मामूली बात पर दोनों का विवाद हुआ। युवक ने युवती को थप्पड़ मार दिया। युवती अपने घर आ गई । दोनों के परिजन किसी भी सूरत में दोनों को एक नहीं होने देना चाहते थे। लेकिन काउसंलिंग टीम ने परिजन को अलग कर नवदंपती से बात की तो दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने की रजामंदी  दे दी।
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family dispute resolution clinic - फोटो : अमर उजाला
17 साल बाद भाई ने कहा तलाक ले लो जमीन नाम कर देंगे
ग्रेनो निवासी महिला का विवाह दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वाले युवक से 17 साल पहले हुआ था। दंपती के तीन बच्चे थे लेकिन पिछले कुछ माह से युवक की किसी महिला से दोस्ती हो गई। इसके बाद युवक पत्नी से मारपीट करने लगा। इस बात को लेकर मायके पक्ष के लोग महिला को अपने साथ बुलाकर ले गए। भाई ने महिला से कहा कि वह उसके नाम जमीन कर देंगे वह अपने पति से तलाक ले ले। महिला की मां ने भी यही सलाह दी लेकिन जब परिजन से अलग दोनों को काउंसलिंग में बुलाया गया तो दोनों ने साथ रहने की इच्छा जाहिर की।
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