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Twin Towers: घर मिला न पैसा, फिर भी खरीदार खुश; बोले- बिल्डर पर होनी चाहिए कार्रवाई, तभी बनेगा असली इतिहास

Sun, 28 Aug 2022 08:26 PM IST
Vikas Kumar नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण - फोटो : अमर उजाला
नोएडा की हरियाली के बीच घर बनाने का सपना सोचा था। इसी सपने के साथ सुपरटेक बिल्डर के ट्विन टावर में घर खरीदा, लेकिन सपना पूरा नहीं हो सका। नौ साल इंतजार करने के बाद घर के साथ पैसा भी वापस नहीं मिला। यह दर्द ट्विन टावर के खरीदार बुजुर्ग प्रभजीत सिंह का है। उन्होंने दिल्ली के सरिता विहार स्थित घर से ट्विन टावर को ध्वस्त होते देखा।
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नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण - फोटो : अमर उजाला
सुपरटेक ने वर्ष 2009 में ट्विन टावर (एपेक्स और सियान) में बुकिंग लॉन्च की थी। यहां पर 600 से अधिक खरीदारों ने बुकिंग की थी, लेकिन भ्रष्टाचार की नींव पर खड़े दोनों टावर किसी भी खरीदार का सपना पूरा नहीं कर सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 500 से अधिक खरीदारों को पैसा मिल चुका है, लेकिन पूरा पैसा न मिलने से खरीदार नाराज हैं। साथ ही, 59 खरीदारों को अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। इनमें से एक प्रभजोत सिंह का कहना है कि अगस्त, 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पैसा वापस करने का आदेश दिया था, जो अभी तक नहीं मिला। दूसरी जगह फ्लैट देने का ऑफर दिया था, लेकिन वे फ्लैट लेने लायक नहीं थे।
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नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण - फोटो : अमर उजाला
इधर, खरीदारों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि ट्विन टावर को नियमों के खिलाफ जाकर बनाया गया है। अगर भनक लगती तो वे कभी भी यहां पर घर नहीं खरीदते। एक खरीदार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिल्डर ने पैसा दिया, लेकिन वह धनराशि पर्याप्त नहीं है। कटौती के बाद पैसा दिया गया। 

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नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण - फोटो : अमर उजाला
नोएडा और यहां की हरियाली है पसंद
ट्विन टावर के खरीदारों का कहना है कि ज्यादातर लोगों का नोएडा में अपना घर होने का सपना होता है। साथ ही, यहां की हरियाली भी काफी प्रभावित करती है। यही सोचकर ट्विन टावर में घर खरीदा था। समय पर कब्जा नहीं मिला तो इंतजार भी किया, लेकिन सपना ही रह गया। अब अन्य प्रोजेक्ट में घर खरीदने का विचार है, लेकिन उससे पहले पूरी जांच पड़ताल करेंगे। 
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खुशी का इजहार करते लोग - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2009 में बुकिंग की थी। वर्ष 2011 में कब्जा देना था, लेकिन कब्जा नहीं मिला। तीन-चार साल बाद पता चला कि ट्विन टावर अवैध है। पूरा पैसा भी नहीं मिला। अब उम्मीद भी नहीं है, लेकिन ट्विन टावर को गिराना सही रहा। - अपूर्वा, खरीदार एपेक्स टावर
 
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खुशी का इजहार करते लोग - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की जगह नोएडा में रहने की सोच के साथ फ्लैट लिया था। अब पैसा भी नहीं मिल रहा है। ट्विन टावर को गिराने की कार्रवाई से संतुष्ट हूं, लेकिन बिल्डर पर कार्रवाई होनी चाहिए, तभी यह नोएडा का इतिहास बनेगा। - प्रभजीत सिंह, खरीदार सियान टावर
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