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Chinese Loan App: कॉल सेंटर और ईवेस्ट फैक्टरी से हुआ देश की सुरक्षा से खिलवाड़, अब 250 करोड़ लेनदेन का खुलासा

Sun, 02 Oct 2022 04:56 AM IST
Vikas Kumar जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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chinese loan app - फोटो : अमर उजाला
चीन में बैठे तेलंगाना पुलिस के भगौड़े माइकल जिन डी के इशारे पर देश की सुरक्षा से खिलावाड़ कर अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई गई। अवैध रूप से रहने वाले चीनी नागरिकों और चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़कर भारत लौटे रवि नटवरलाल व अन्य आरोपियों के गठजोड़ से बिना अनुमति और लाइसेंस के नोएडा के सेक्टर-63 में मोबाइल स्क्रैप की फैक्टरी संचालित की गई। इसमें कर्मचारियों की मदद से पीसीबी (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) से चिप और आईसी निकालने काम किया गया। ईवेस्ट के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध के बावजूद करोड़ों चिप और आईसी हांगकांग के रास्ते चीन भेजे। आरोपियों ने कॉल सेंटर चलाकर भी भारतीयों को चीनी लोन एप और ट्रेंडिंग एप के जरिये फंसाकर धोखाधड़ी व वसूली की। हवाला और क्रिप्टो करेंसी के जरिये धन विदेश भेजा, कस्टम ड्यूटी की चोरी कर एक कंपनी की आड़ में कई कंपनी बनाकर 250 करोड़ का लेनदेन किया। ये खुलासा एसटीएफ, पुलिस और विभिन्न एजेंसियों जांच में हुआ है। इस मामले में सात चीनी नागरिक समेत 15 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 
 
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loan app new - फोटो : Amar Ujala
एजेंसियों की जांच में सामने आया कि चीन में बैठा माइकल उर्फ जिन डी ने तेलंगाना में के बशीराबाद साइबराबाद में चीनी लोन एप से वसूली आदि का अवैध धंधा किया था। वर्ष 2021 में वहां से काम बंद करने के बाद माइकल चीन चला गया। आरोपी के इशारे पर अवैध रूप से रहने वाले चीन नागरिक व उनके मददगार भारतीयों नोएडा के सेक्टर-63 में बिना अनुमति और लाइसेंस के ईवेस्ट का काम कर रहे थे। रवि नटवर लाल, चीनी नागरिक जॉनसन और जू फाई समेत अन्य आरोपियों ने फर्जी ढंग से वीजा तिथि बढ़ाकर व अन्य फर्जी पहचान पत्र बनाकर चीनी नागरिकों को नेपाल के रास्ते भारत में बुलाया। जू फाई की महिला मित्र नगालैंड निवासी पेटखरेनोव ने चीन से अवैध रुप से आने वाले नागरिकों के पूर्वोत्तर के फर्जी आधार कार्ड बनावाकर अपने साथ गौतमबुद्घ नगर व दिल्ली-एनसीआर में गाड़ी से घुमाती थी। वहीं उन्हें गाड़ी से नेपाल बॉर्डर तक छोड़कर आती थी। घरबरा स्थित अवैध अड्डे पर चीनी नागरिकों की मौज मस्ती, शराब, मसाज आदि का भी पूरा प्रबंध किया जाता था। इसका संचालन पूर्वोत्तर की एलन करती थी।  
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Mobile Loan App Scam - फोटो : istock
लोन एप के पीड़ित के आत्महत्या के बाद छोड़ा तेलंगाना
माइकल ने चाइनीज लोन एप से लोन लेने के बाद प्रताड़ित होने पर आत्महत्या कर ली थी। पीड़ित के भाई के केस दर्ज कराने के बाद आरोपी वहां से अन्य साथियों के साथ अवैध धंधा बंद कर फरार हो गया था। इसके अलावा भी देश में चीनी एप के पीड़ितों ने आत्महत्या की हैं। 

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बरामद सिम कार्ड - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से बरामद कॉल एक्सचेंजर मशीन से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा 
आरोपी चीनी नागरिक जॉनसन एवं संतोष ठाकुर की निशानदेही पर महरौली के किशनगढ़ राममंदिर रोड से कॉल एक्सचेंजर लाल रंग की डिब्बेनुमा मशीन बरामद की गई। जिसमें 32 सिम स्लॉट की ट्रे कनेक्ट करने की व्यवस्था और चार बोर्ड में 32 सर्किट बोर्ड का कनेक्शन है। ये मशीन वीओआईपी (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) से इंटरनेशनल कॉल को कनर्वट करने वाला एक्सचेंज है। जिसमें एक लीवर लगा है। ये मशीन लोन एप का कॉल सेंटर संचालित करने में प्रयोग की जा रही थी। इससे कॉलर की लोकेशन का पता नहीं चलता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।  
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पुलिस हिरासत में आरोपी व सिम कार्ड - फोटो : अमर उजाला
लोन एप और ट्रेंडिंग एप से 250 करोड़ की धोखाधड़ी 
प्रतिबंधित चाइनीज लोन एप और ट्रेडिंग ऐप एचटी फॉक्स से आरोपियों ने विभिन्न कंपनियों एवं व्यक्तिगत खातों में धोखाधड़ी कर धन एकत्र किया। लगभग 250 करोड़ रुपये को आरोपियों ने विभिन्न कंपनियों एवं व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर करके प्रयोग किया है। 
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पुलिस हिरासत में पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
10 लाख वेतन के 40 कर्मचारी करते थे काम
सेक्टर-63 की कंपनी में जहां ईवेस्ट से चिप व आईसी निकालने का काम होता था। वहां लगभग 40 कर्मचारी काम करते थे और इन्हें प्रतिमाह दस लाख रुपये  का वेतन दिया जाता था। आरोपियों ने अवैध तरीके से चिप व आईसी निकालीं और चीन भेजी लेकिन इनसे कोई भी आरोपियों की बनाई गई कंपनियों को प्राप्त होने की अब तक की पुष्टि नहीं हुई है। रवि नटवरलाल की निशानदेही पर यहां से बड़ी संख्या में चिप आदि बरामद की गईं। युआन और लु लांग की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर अन्य साक्ष्य भी मिटाये थे।   
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सिम कार्ड के अलावा पासपोर्ट व गांजा भी बरामद - फोटो : अमर उजाला
71 पेज का आरोप पत्र दाखिल, 50 गवाह बनाए 
अधिवक्ता केके भाटी ने बताया कि इस प्रकरण में मुख्यारोपियों पर आईपीसी व विदेशी अधिनियम की 13 धाराओं में 71 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया गया है। वहीं, पूर्वोत्तर की कुछ युवतियों समेत 50 गवाह बनाए गए। आरोप पत्र जू फाई, रवि नटवरलाल, उसकी मित्र पेटखरेनोव, एलन, युआन हेलांग, जानसन उर्फ ही झुआंग, त्वेसांग दोरजी, जेंगे डेये, रेन चाओ, जांग हाओ उर्फ जॉन, संतोष ठाकुर और रोहन खान के खिलाफ दाखिल किया गया है। 
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चीनी नागरिक सु फाई उर्फ काएला और उसकी महिला मित्र - फोटो : अमर उजाला
ये था पूरा मामला 
11 जून को नेपाल बॉर्डर पर बिहार के सीतामणी में एसएसबी ने बिना वीजा के चीनी नागरिक युआन हेलांग और लु लांग को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद ग्रेनो की जेपी ग्रींस सोसाइटी में रहे और घरबरा के में अवैध अड्डा बनाकर मौज मस्ती करने वाले चीनी नागरिक जू फाई को उसकी महिला मित्र के साथ गुरुग्राम व अन्य आरोपियों को अलग-अलग से गिरफ्तार किया गया था। देश की सुरक्षा से जुड़े मामले में गौतमबुद्घ नगर पुलिस और देश की कई जांच एजेंसियों ने जांच की। फिलहाल एसटीएफ इस मामले की जांच कर रही है। 
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