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निठारी कांड: पंधेर की कोठी से बरामद हुई थीं 16 खोपड़ियां, और राज ही रह गए तीन मामले

Sun, 07 Apr 2019 07:15 PM IST
दुष्यंत शर्मा राहुल कुमार, अमर उजाला, गाजियाबाद
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nithari case - फोटो : अमर उजाला
नोएडा के निठारी कांड से जुड़े 11वें मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर एक लाख दस हजार का जुर्माना भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली को बच्ची की हत्या, दुष्कर्म की कोशिश, अपहरण और सबूत नष्ट करने की धाराओं में दोषी करार दिया था। केस के सह अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंधेर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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nithari case - फोटो : अमर उजाला
हर बार की तरह ही इस बार भी सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने निठारी कांड के मामले में शनिवार को अपने 78 पेज के फैसले में तल्ख टिप्पणी की। इस बार अदालत ने फैसले में लिखा कि निठारी कांड के दौरान कोली द्वारा की गई क्रूरता रोंगटे खड़े कर देने वाली, दुखद, कानूनिक, दिल तोड़ देने वाली, चेतना भंग करने वाली और समाज की दुर्दशा करने वाली घटना रही है। विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ‘अमानवीय, बर्बर, पिशाचिक प्रकृति का कोली मुल्जिम है। उसके कृत्य ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। 
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nithari case - फोटो : अमर उजाला
अगर मुल्जिम पर किसी प्रकार की दया दिखाई जाएगी तो इससे समाज न्याय व्यवस्था से भरोसा उठने की प्रबल संभावना है। फैसले में लिखा कि अभियुक्त कृत्य विरल से विरलतम श्रेणी में आते हैं। ऐसे में अभियुक्त के साथ उदारता का व्यवहार करना समाज एवं विधि के न्यायसंगत सिद्धांतों से खिलवाड़ करना होगा। उन्होंने लिखा कि न्यायालय के समक्ष साबित हुए आरोप के संदर्भ में अधिकतम दंड देने के अलावा और कोई रास्ता नहीं रह जाता है। वहीं, पिछली बार अदालत ने कहा था कि दोष सिद्ध अभियुक्त जैसे दरिंदे जो सभ्य समाज के लिए नासूर व खतरा बन चुके हैं, को सजा-ए-मौत से दंडित किया जाए। अभियुक्तों ने हैवानियत की सारी सीमाएं लांघ दीं थी।

सजा सुनाते ही तोड़ दी कलम

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nithari case - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई न्यायाधीश ने पिछली बार की तरह ही इस बार भी आरोपी को सजा ए मौत सुनाने के बाद अपनी कलम तोड़ दी। इससे पहले भी दो मार्च को हुए फैसले में अदालत ने अपनी कलम तोड़ दी थी। अदालत ने कहा कि नौकर सुरेंद्र कोली को समाज के लिए कहा कि वह अमानवीय, बर्बर, पिशाचिक प्रकृति का अभियुक्त है।
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पंधेर की कोठी से बरामद हुई थी 16 खोपड़ियां

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निठारी कांड
नोएडा सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने कोली की निशानदेही पर मोनिंदर पंधेर की कोठी से महिलाओं और बच्चों की 16 छोटी-बड़ी खोपड़ियां बरामद हुई थी। कोली पुलिस को कोठी के पीछे हिस्से में बनी गैलरी में ले गया था, जहां पहले से महिलाओं और बच्चें के कपड़े, जूते-चप्पल और अन्य सामान बरामद किए थे। इसी दौरान युवती के परिजनों ने उसके कपड़े पहचान लिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उसी आधार पर सुरेंद्र कोली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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nithari case - फोटो : अमर उजाला
निठारी में 2006 में दिल दहला देने वाले 11 केसों में गाजियाबाद की सीबीआई विशेष कोर्ट भले ही फैसले सुना चुकी हो, लेकिन इसी कांड में फैसले के बाद अब भी पांच मामलें अभी भी कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन मामलों में भी अभी फैसला आना बाकी है। इसके साथ ही निठारी कांड से जुडे़ तीन मामले ऐसे भी हैं, जिन में आज तक कोई पर्दा नहीं उठ सका। कई महीनों की जांच के बाद जब इन तीन मामलों में कोई सबूत नहीं मिला तो सीबीआई ने इनमें अपनी क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। 
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इन मामलों में कोली और पंधेर को मिल चुकी है फांसी की सजा

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nithari case
- 13 सिंतबर 2009 में एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली-पंधेर को फांसी
- 12 मई 2010 में एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 28 सितंबर 2010 में एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 22 दिसंबर 2010 में एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 24 दिसंबर 2012 में एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 07 अक्तूबर 2016 को एक महिला की हत्या के मामले कोली को फांसी
- 16 दिसंबर 2016 में एक युवती के मामले में कोली को फांसी
- 24 जुलाई 2017 में एक युवती की हत्या मामले में कोली-पंधेर को फांसी
- 08 दिसंबर 2017 में एक युवती की हत्या के मामले में कोली को फांसी
 
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