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Nirbhaya Case: सबसे बड़े दरिंदे ने खुद को ऐसे दी थी सजा, आज भी उठते हैं मौत पर सवाल

Tue, 04 Feb 2020 03:05 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : सोशल मीडिया
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से छह दरिंदों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसके साथ ऐसी बर्बरता की जिसने उसकी जान ले ली। इस मामले को सभी निर्भया केस के नाम से जानते हैं। यह ऐसा केस है जिसमें सात साल बीत जाने के बाद आज भी पूरा देश दोषियों की फांसी का इंतजार कर रहा है।

जब इस मामले की जांच शुरू हुई थी तो छह दोषियों में राम सिंह को प्रमुख दोषी पाया गया था। हालांकि उसने साल 2013 में फांसी लगा ली थी। जानिए निर्भया के साथ बर्बरता का मुख्य आरोपी राम सिंह कौन था और उसकी मौत को लेकर समय-समय पर क्यों सवाल उठते रहते हैं....

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- फोटो : सोशल मीडिया

मार्च 2013 में की आत्महत्या

जब केस की जांच शुरू हुई थी तो राम सिंह को इस मामले में मुख्य आरोपी बताया गया था। हालांकि मार्च 2013 में तिहाड़ जेल में राम सिंह की लाश मिली थी। पुलिस का कहना था कि राम सिंह ने खुद ही तिहाड़ में फांसी लगाई थी, लेकिन राम सिंह का परिवार हमेशा आरोप लगाता रहा कि उसकी हत्या की गई थी।
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nirbhaya case ram singh - फोटो : सोशल मीडिया
राम सिंह पेशे से बस ड्राइवर था और वारदात वाली रात उस बस को वही चला रहा था, जिसमें निर्भया से दुष्कर्म हुआ था। बस ड्राइवर राम सिंह का घर दक्षिण दिल्ली के रविदास कैंप में था।

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nirbhaya case ram singh - फोटो : सोशल मीडिया
राम सिंह के स्वभाव के बारे में बताते हुए उसके पड़ोसियों ने एक बार बताया था कि शराब पीना और झगड़ा करना राम सिंह के लिए आम बात थी। उसका परिवार लगभग 20 साल पहले राजस्थान से दिल्ली आया था। पांच भाइयों के परिवार में राम सिंह तीसरे नंबर पर था। स्कूल में दाखिला कराने के बावजूद उसने शुरुआती दौर में ही पढ़ाई छोड़ दी थी।
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nirbhaya case ram singh - फोटो : सोशल मीडिया
निर्भया गैंगरेप में सबसे पहले राम सिंह को ही गिरफ्तार किया गया था। राम सिंह ने अपने 16 दिसंबर की वारदात के बाद एक साक्षात्कार में डॉक्युमेंट्री बनाने वाली महिला से कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने उस घटना के लिए 23 वर्षीय पीड़िता निर्भया को ही दोषी ठहराया था।
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया

राम सिंह की हत्या की आशंका जताई जाती रही है

तिहाड़ जेल के पूर्व विधि अधिकारी सुनील गुप्ता ने अपनी पुस्तक 'ब्लैक वारंट' में लिखा है कि राम सिंह के पोस्टमार्टम रिपोर्ट को उन्होंने ध्यान से देखा था। उस रिपोर्ट में यह लिखा गया है कि राम सिंह के शरीर में अल्कोहल के अंश पाए गए थे। आखिर राम सिंह के शरीर में अल्कोहल का अंश कहां से आया? इस बात की पूरी संभावना है कि राम सिंह को शराब किसी ने पिलाई होगी। उन्होंने ये भी सवाल उठाए थे कि एक छोटे से सेल में जिसमें राम सिंह के अलावा भी अन्य कैदी हों, कोई भला कैसे खुदकशी कर सकता है?
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