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Nirbhaya Case: कब तक बचेंगे दरिंदे?, दोषियों के पास अभी बाकी हैं ये कानूनी विकल्प

Sat, 01 Feb 2020 10:46 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
निर्भया के दोषियों की एक फरवरी को होने वाली फांसी टल गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के डेथ वारंट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने फांसी की कोई तारीख निश्चित नहीं की है। इस तरह निर्भया के दोषियों की डेथ वारंट जारी होने के बाद दूसरी बार टल गई है। निर्भया के दोषियों की ओर से पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर एक फरवरी को तय फांसी को टालने की अपील की गई थी।
 
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निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट के अगले आदेश तक इन दरिंदों को फांसी नहीं दी जा सकती है। इस फैसले पर निर्भया की मां काफी भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि दोषियों के वकील ने चुनौती दी थी कि यह फांसी अनंतकाल तक नहीं होगी और उन्होंने इसे सही साबित कर दिया है। 
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि आखिर मुजरिम जो चाहते थे वो गया है। इस पर सरकार को कोर्ट और सरकार पर विचार करना चाहिए। अब तो ऐसा लग रहा है जैसे सभी लोग मुजरिमों का साथ दे रहे हैं। जब निर्भया की मां से सवाल किया गया कि क्या अभी भी आपको कानून पर विश्वास है तो उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। लेकिन सरकार और कोर्ट पर विचार करना चाहिए। 
 

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निर्भया केस में दोषियों के वकील एपी सिंह - फोटो : एएनआई
सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल ने कोर्ट से कहा है कि चाहें तो एक फरवरी को तीन दोषियों को फांसी दी जा सकती है। वहीं, दोषियों के वकील एपी सिंह ने दलील दी कि फांसी पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा देनी चाहिए। क्योंकि विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है, जबकि अक्षय और पवन के कानूनी उपाय भी बाकी हैं। अक्षय की दया याचिका बाकी है। पवन ने अभी तक उपचारात्मक याचिका दायर नहीं की है। 
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
आइए आपको बताते हैं कि अभी निर्भया के दोषियों के पास और कितने विकल्प बचे हैं?। सुप्रीम कोर्ट निर्भया कांड के चारो दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर चुका है। दोषी विनय, मुकेश और अक्षय की क्यूरेटिव पिटीशन भी सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो गई है, जबकि पवन गुप्ता को ही क्यूरेटिव पिटीशन फाइल करनी है। 
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
अगर सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो गई तो दरिंदे अक्षय और पवन के पास मौका बचेगा सिर्फ दया याचिका का। यानि की दोनों दोषी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास वो दया याचिका भेज सकते हैं। वहीं, दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी, विनय की दया याचिका अभी लंबित है। 
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मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने पर दोषी मुकेश सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। लेकिन फिर भी उसे कोई कामयाबी नहीं मिली, यानि कि मुकेश को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए याचिका को खारिज कर दिया। अब ऐसे में मुकेश के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं।  
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nirbhaya case - फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि निर्भया के सभी दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज जब तक सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दया याचिका खारिज नहीं कर देंगे, तब तक निर्भया के दोषी फांसी पर नहीं लटकाए जाएंगे, यानि कि सभी दोषियों के पास फांसी से बचने का कानूनी विकल्प रहेगा।
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