फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्भया कांड: उस बस स्टॉप की पड़ताल जहां हुई थी दरिंदगी,आज भी बेटियों को क्यों लगता है डर

Sun, 15 Dec 2019 04:16 PM IST
प्राची प्रियम अरुण कुमार, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
वसंत विहार बस स्टॉप - फोटो : अमर उजाला
सात साल पहले निर्भया के साथ हुई दरिंदगी का चश्मदीद बना वसंत विहार इलाका आज भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के इंतजार में है। आलम यह है कि जिस बस स्टॉप से इस हैवानियत भरी वारदात की शुरूआत हुई, वहां महज एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे छोड़ दी गई है। अमर उजाला की टीम ने इस स्पॉट का जायजा लिया तो लगा कि आसपास के लोगों में अभी इस घटना को लेकर डर और दुख की स्थिति है। लोगों के अनुसार इलाके में अभी भी पुख्ता सुरक्षा नहीं है, जिस कारण से शाम होते ही इलाके में बेटियों को डर लगने लगता है।
विज्ञापन

2 of 8
वसंत विहार बस स्टॉप - फोटो : अमर उजाला
16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार इलाके में निर्भया के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात को दो दिन बाद पूरे सात साल होने वाले हैं, लेकिन इस मामले में अभी भी दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकी है। इस घटना के समय पूरे देश की जनता में उबाल की स्थिति पैदा हो गई थी और अब इस घटना की सातवीं बरसी के मौके पर भी लोगों में दोषियों को फांसी दिए जाने का इंतजार है। 
विज्ञापन

3 of 8
वसंत विहार बस स्टॉप - फोटो : अमर उजाला
इस घटना के बाद सरकार ने दिल्ली में महिलाओं की पुख्ता सुरक्षा के दावे किए थे। इन्हीं दावों का जायजा लेने के लिए शनिवार को अमर उजाला की टीम ने वसंत विहार बस स्टॉप की लाईव रिपोर्टिंग की तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। यहां करीब दो घंटे के दौरान बस स्टॉप से दोनों ओर करीब 500 मीटर के दायरे में एक भी पुलिस कर्मी नजर नहीं आया।

4 of 8
nirbhaya
शाम होते ही लगता है लड़कियों को डर
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे इस बस स्टॉप के आसपास वाहनों की अवैध पार्किंग का जमावड़ा मिला। यहां बस स्टॉप पर कामकाजी युवक युवतियां भारी संख्या में बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। इस बीच एक युवती से जब बात की गई तो उसने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वह मुनिरका गांव में पिछले कई सालों से रहती हैं। 
विज्ञापन

5 of 8
शुरूआत के कुछ दिनों तक सतर्क रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि निर्भया के साथ हुई घटना के बाद वसंत विहार बस स्टॉप के आसपास करीब 800 मीटर के दायरे में लगभग 6 महीनों तक वाहनों के खड़े होने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन आज फिर से माहौल पहले जैसा असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बस स्टॉप के आसपास कोई पुलिस बूथ भी नहीं है और पुलिस कर्मी भी नहीं दिखाई देते। शाम के समय वह इस बस स्टॉप के आसपास असुरक्षित महसूस करती हैं।
विज्ञापन

6 of 8
Nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
एक सीसीटीवी कैमरे के भरोसे बस स्टॉप की सुरक्षा
वसंत विहार बस स्टॉप के पास पिछले करीब 15 सालों से काम करने वाले महेंदी हसन ने बताया कि घटना के बाद यहां सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सीसीटीवी कैमरा काम करता है या नहीं। उन्होंने बताया कि सात साल पहले निर्भया के साथ हुई घटना आज भी उन्हें याद है और चाहते हैं कि निर्भया के दोषियों को जल्द फांसी मिले। उन्होंने बताया कि जिस वक्त यह घटना घटी थी तब यहां पर पुलिस थाना वसंत विहार लगता था, लेकिन अब यह क्षेत्र किशनगढ़ थाना के अंदर आता है। 
विज्ञापन

7 of 8
इसी बस में हुआ था हादसा - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि अगर वसंत विहार बस स्टॉप पर कोई अनहोनी हो जाए और किसी को थाने पहुंचना हो तो उसे बड़ी मुश्किल होगी, क्योंकि थाना काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि बस स्टॉप को एक सीसीटीवी कैमरा लगाकर छोड़ दिया गया है, यहां शाम के वक्त बस स्टॉप के आसपास असामाजिक तत्व भी घूमते हैं, जिनसे खास तौर पर लड़कियों को खतरा होता है।
विज्ञापन

8 of 8
निर्भया के चारों देषी - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल के आसपास पीजी में रहती हैं कई लड़कियां
वसंत विहार बस स्टॉप से कुछ ही मीटर की दूरी पर मुनिरका गांव में कामकाजी लड़कियां भारी संख्या में रहती हैं। यहां से बाहर आने वाली लड़कियां अधिकतर इसी बस स्टॉप से बस या ऑटो रिक्शा लेकर अपने गंतव्यों तक जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद जो सुरक्षा के इंतजाम यहां किए गए हैं, वे ना के बराबर हैं। पुलिस को वसंत विहार इलाके समेत अन्य सभी इलाकों में लड़कियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि फिर से कोई लाडली निर्भया ना बने।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें