देश की राजधानी नई दिल्ली के तिलक विहार इलाके में पुलिस चौकी में फंदा लगाने के मामले में किशोरी के भाई ने बताया कि पंद्रह दिन पहले भी उनका पड़ोसी परिवार से झगड़ा हुआ था। दरअसल, उसे एक दोस्त के जरिए पता चला था कि आरोपी अपने दोस्तों के बीच उसकी बहन के बारे में अनाप सनाप कहता रहता है। इसके बाद पीड़ित परिजन आरोपी के परिवार वालों से पूछताछ की तो वह भड़क गए और मारपीट करने लगे।
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पुलिस चौकी
- फोटो : अमर उजाला
इसकी शिकायत पुलिस में की गई। तिलक विहार चौकी के पुलिसकर्मी ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाया और समझा बुझाकर समझौता करवा दिया। कुछ दिन पहले तक दोनों परिवारों के बीच संबंध काफी अच्छे थे। आरोपी के परिवार वालों ने ही किशोरी की बड़ी बहन की शादी अपने रिश्तेदार से करवाई थी।
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पुलिस चौकी के बाहर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी और किशोरी का मिलना जुलना था। लेकिन किशोरी के भाइयों का कहना है कि आरोपी अक्सर स्कूल जाने के दौरान किशोरी को परेशान करता था। आरोपी के परिवार वाले किशोरी से शादी का दबाव बना रहे थे। लेकिन उन लोगों ने लड़की की उम्र कम होने के चलते शादी से इंकार कर दिया था।
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चौकी में लगाई फांसी
देर रात आरोपी किशोरी को लेकर पहुंचा था चौकी
एक ओर पुलिस का कहना है कि किशोरी देर रात खुद ही चौकी पहुंची थी। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने आरोपी परिवार वालों को चौकी में बिठाकर उनपर दबाव बनाया तो देर रात प्रेमी युवक बाइक से किशोरी को लेकर चौकी पर पहुंचा। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात से इंकार कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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लोगों ने किया हंगामा
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चौकी में किशोरी की खुदकुशी की बात जैसे पता चली लोग चौकी के बाहर जमा हो गए। लोगों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी कभी भी इलाके में गश्त नहीं करते और पुलिसकर्मियों का यहां के असामाजिक तत्वों से मिलीभगत है।
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पुलिस ने मामले को हल्के ढंग से लिया
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किशोरी के गायब होने और दोनों परिवारों के बीच हुई मारपीट को पुलिसकर्मियों ने गंभीरता से नहीं लिया। चौकी में आने के बाद भी दोनों परिवारों के बीच कहासुनी होती रही। पुलिस ने खानापूर्ति कर किशोरी के परिवार वालों का मेडिकल करवाकर उन्हें घर भेज दिया। जब किशोरी चौकी पहुंची तो उसके परिवार वालों को बुलाया गया। इसी बीच आरोपी परिवार वालों की ओर से एक शख्स ने किशोरी के भाइयों पर मामला दर्ज करने का दबाव बनाने लगा। उसके बाद ही स्थिति पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो गयी। शोर शराबा के बीच किशोरी ने कमरे में फंदा लगा ली। कोमल के परिवार वालों के मुताबिक उसकी बहन के फंदा लगाते ही पुलिसकर्मी सहम गये और उन्होंने उसकी बहन को फंदे से नीचे नहीं उतारा। जब किशोरी का भाई शव को उतारने की कोशिश करने लगा तो पुलिसकर्मियों ने उसे छूने से मना कर दिया।
तिलक विहार पुलिस चौकी के भीतर कोमल के फांसी लगाने की घटना को जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बेहद गंभीरता से लिया है। उपायुक्त ने ड्यूटी के दौरान कोताही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी प्रवेश कौशिक और महिला सिपाही मनमोहन कौर को लाइन हाजिर कर दिया है, वहीं केस के जांच अधिकारी एएसआई सुशील कुमार और ड्यूटी राइटर के भदौरिया को निलंबित कर दिया है।