स्वीमिंग पूल में लाइफ गार्ड की तैनाती प्रशिक्षु बच्चों की सुरक्षा के लिए की जाती है। तैराकी के गुर सीखने के दौरान बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे। इसकी जिम्मेदारी डीपीएस में तैनात लाइफ गार्ड चंडीदास पर थी, लेकिन स्कूल की लापरवाही व अनदेखी के कारण वह मासूम बच्ची से दरिंदगी कर बैठा। बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर गहनता से पड़ताल की है। पुलिस ने स्कूल की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली है। फुटेज में क्या दिखा है अभी इसकी अधिकारिक जानकारी पुलिस नहीं दे रही है, लेकिन सूरजपुर कोतवाली के सूत्रों ने बताया है कि फुटेज में स्वीमिंग पूल में आरोपी दिखाई दे रहा है।
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आरोपी के बचाव का किया गया प्रयास
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
इससे इस बात की भी आशंका है कि आरोपी ने पूल के भीतर ही बच्चे से दुष्कर्म किया हो। वहीं, प्रबंधन की लापरवाही और अनदेखी भी इससे उजागर हो रही है कि बच्चियों को स्वीमिंग पूल सिखाने और बच्चियों के पूल में कोई पुरुष कैसे चला गया।
पहले भी वारदात का अंदेशा, स्कूल से मांगी फुटेज
बच्ची को स्वीमिंग सिखाते समय दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद ये भी अंदेशा होने लगा है कि आरोपी ने पहले भी इस बच्ची या अन्य किसी बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की होगी। इससे पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से एक माह की सीसीटीवी फुटेज मांगी है।
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‘हाइमन टोर्न’ का मतलब दुष्कर्म की पूरी संभावना
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dps school
जांच में पता चला है कि बच्ची के दर्द की शिकायत पर उसके परिजनों ने स्कूल की किसी शिक्षिका से संपर्क कर पूछताछ की थी। उस दौरान शिक्षिका ने किसी घटना के स्कूल में होने से इंकार किया था।
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डीपीएस स्कूल
बाद में जब बच्ची ने आरोपी को पहचान लिया तब भी प्रबंधन के किसी व्यक्ति ने परिजन से कहा था कि चंडीदास दस साल से स्कूल में है और उन्हें उस पर भरोसा है वह ऐसा नहीं कर सकता। जबकि सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद बच्ची के रोने पर स्टाफ के लोगों को इसकी जानकारी हो गई थी। इसके बाद भी मामले को दबाया गया। एफआईआर में भी परिजनों ने कहा है कि पूछताछ करने पर स्कूल स्टाफ ने भी उनसे कहा कि लाइफ गार्ड ने ही उनकी बेटी से दुष्कर्म किया है।
एफआईआर में मेडिको लीगल जांच में ‘हाइमन टोर्न’ लिखा गया है। जानकारों के मुताबिक, इसका मतलब प्राइवेट पार्ट का भीतर से चोटिल होना होता है। इसके बाद ही पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में हाइमन टोर्न लिखे होने का मतलब है कि दुष्कर्म की पूरी संभावना है।