चोटी कटने की घटनाओं से जहां लोगों में दहशत है और शहर में भी नए मामले सामने आने लगे हैं। इसी दहशत के चलते लोग गांवों में टोने-टोटके करने को विवश हुए हैं, कहीं पर नींबू मिर्च दरवाजों पर टांगी जा रही है, तो कहीं हल्दी के ठप्पे लगाए जा रहे हैं।
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कुछ ग्रामीण बिल्ली और साये को घरों में आने से रोकने के लिए लाठी-डंडे लेकर रात में पहरा देने को विवश हो गए हैं। वहीं, सोशल साइट्स खास तौर पर फेसबुक व व्हाट्सएप पर भी चोटियों की सुरक्षा संबंधित हास्यासपद पोस्ट की जा रही हैं।
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राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अब तक महिला व किशोरियों की चोटी कटने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं। इससे पूरे उत्तर भारत में चर्चाओं और अफवाहों का बाजार गर्म है।
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चार राज्यों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी चोटी कटने की गुत्थी को नहीं सुलझा पा रहे हैं। यही कारण है कि चोटी कटने की घटनाओं का सिलसिला थमने के बजाय बढ़ रहा है। जेवर क्षेत्र के गांव में चोटी कटने की घटना के बाद महिलाओं के टोना-टोटका करने व पुरुषों के पहरा देने की घटना सामने आई।
इससे इन घटनाओं से देहात क्षेत्र में व्याप्त हो रही दहशत सामने आई। वहीं, ग्रेनो के तुगलपुर और फिर अल्फा-1 सेक्टर में चोटी कटने की घटना ने उस अपवाद को भी झुठला दिया। जिसमें कहा जा रहा था कि ये घटनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्र में हो रही हैं। दूसरी ओर, सोशल साइट पर भी चोटियों की सुरक्षा के लिए महिलाओं के हेलमेट लगाकर सोने, चोटी में नींबू मिर्च बांधकर रहने व ताला लगाकर खींचे गए फोटो के पोस्ट सामने आए।