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बॉलीवुड की फिल्मों के सेट से भी ज्यादा भव्य है श्रीश्री के कार्यक्रम का मंच

Thu, 10 Mar 2016 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
हम दिल दे चुके सनम, जोधा-अकबर, देवदास व लगान फिल्म के सेट निर्माता नितिन चंद्रकांत देसाई ने श्री-श्री रविशंकर के वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य सेट तैयार किया है। इस सेट को बनाने में ढाई महीने का समय लगा है, जबकि तैयारी एक साल से जारी थी। सेट का डिजाइन मुंबई में तैयार किया गया है। सेट की थीम नव, जल और तल है, जिसके माध्यम से इंद्रलोक की भी तारीफ मिलने का दावा किया जा रहा है।
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जानिए क्या है मंच की खासियत

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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
समारोह स्थल पर ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में नितिन चंद्रकांत देसाई ने बताया कि सात एकड़ में बनने वाले इस मंच पर 50 हजार आदमी भी बैठ जाएंगे तो भी यह नहीं टूटेगा।
 
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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
नितिन के मुताबिक, फिल्मों के सेट बनाना बेहद आसान है, लेकिन ऐसे महोत्सव का मंच बनाने से पहले सुरक्षा से लेकर लेकर अन्य तैयारियों का भी जायजा लेना पड़ता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मंच होगा और गिनीज बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराएगा। फिल्म का मंच बनाने में कंप्यूटर की तकनीक बेहतरीन लुक देती है, लेकिन यहां असल मंच में जो होगा, वही दिखेगा।

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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
मंच को नव, जल और तल इसलिए कहा है, क्योंकि आसमां से लेकर वायु और जमीन की बेहतरीन जुगलबंदी में दर्शकों को शांति के संदेश के बीच भारतीय पारंपरिक वाद्य संगीत और नृत्य की ताल से दुनिया को रूबरू करवाया जाएगा। कार्यक्रम प्रस्तुति के दौरान दर्शकों को मंच के पीछे पानी का समावेश भी देखने को मिलेगा।
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मंच को कई खंड में बांटा गया है

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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
मंच को कई खंड में बांटा गया है, जैसे एक में तबला, ढोल आदि से जुड़े वाद्य यंत्र तो बी में सितार, वीणा और डी में हारमोनियम। अलग वर्गों में रखने का मुख्य मकसद यह कि हर वाद्ययंत्र जब बजता है तो हवा के साथ उसके अलग सुर निकलते हैं। इसलिए मंच पर हर वाद्य यंत्र को अलग-अलग स्थान दिया गया है।
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विदेशी कलाकार भी विशेष प्रस्तुति देंगे

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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
दर्शकों को 16वीं शताब्दी के वाद्य यंत्रों पर आधारित मोहिनिअट्टम व कथकली की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। इन वाद्य यंत्रों को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि भावी पीढ़ी समेत दुनिया को भारतीय इतिहास से रूबरू कराना। प्रस्तुति में विभिन्नता में एकता का संदेश के जरिये कश्मीर से कन्याकुमारी तक की संस्कृति का सम्मिश्रण देखने को मिलेगा। इसके अलावा विदेशी कलाकार भी विशेष प्रस्तुति देंगे।
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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
विश्व में शांति का संदेश  देने वाले इस मंच पर पाकिस्तानी कलाकार भी दिखेंगे। फोक डांस के माध्यम से 50 कलाकार अपनी संस्कृति की मिसाल देंगे, जबकि 50 अन्य वाद्य यंत्रों पर जुगलबंदी करते दिखेंगे। संस्था के 35 साल पूरे होने पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के 35 प्लेबैक सिंगर एक साथ प्रस्तुति देंगे।नितिन जोधा-अकबर, लगान, देवदास, हम दिल दे चुके सनम फिल्म समेत चंद्रकांता व विग बॉस का सेट तैयार कर चुके हैं।
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समारोह स्थल व आयोजन की खास बातें:

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आर्ट ऑफ ल‌िव‌िंग कार्यक्रम की तैयारी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई द‌िल्ली
-7 एकड़ में तैयार हो रहा है अंडाकार मंच। 2.5 फीफा ग्राउंड के बराबर है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा मंच तैयार होने का दावा किया गया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए विश्व के सबसे बड़े अस्थायी मंच के रूप में हुआ है आवेदन।
-155 देशों के करीब 35 लाख लोग बनेंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा।
-1000 एकड़ में डीएनडी के पास यमुना किनारे होगा यह आयोजन।
-35, 973 कलाकार इस कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगे।
-20,000 से अधिक विदेशी मेहमानों के आने की है संभावना।
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