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अनाज मंडी अग्निकांड: मां की मौत के सदमे में छोड़ आया था गांव, बेरोजगारी लाई फैक्टरी के करीब

Tue, 10 Dec 2019 09:51 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मो. हुसैन के पिता - फोटो : Amar Ujala
मां की मौत के बाद सदमे में आया मोहम्मद हुसैन बिहार के सहरसा जिले में स्थित अपना गांव छोड़कर दिल्ली आ गया था। वह काफी दिन अपनी बहन के घर रहा, लेकिन वहां रहने की भी सीमा थी। रोजगार की तलाश उसे अनाज मंडी स्थित उस इमारत के करीब ले गई, जहां बीते रविवार आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई। यहां हादसे से तीन दिन पहले ही उसे अपने दोस्तों के साथ नौकरी मिली थी।  
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Delhi Fire - फोटो : PTI
हुसैन उन 43 लोगों में शामिल है, जिन्होंने तड़प-तड़प कर जान गंवाई। मंगलवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मो. हुसैन का शव लेने आए पिता ने कहा कि दो माह पहले ही उसकी मां का सड़क हादसे में इंतकाल हो गया था।   
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Delhi Fire - फोटो : PTI
इसके बाद वह बहन के घर दिल्ली आया और उसके साथ कुछ दिन रहने के बाद फैक्टरी में नौकरी शुरू की। उन्होंने बताया कि सहरसा जिले के एक ही गांव से सात लोगों की मौत हुई है। पूरे गांव में मातम छाया है। 

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delhi fire - फोटो : अमर उजाला
डेढ़ महीने पहले ही आया था आदिल
दरभंगा के अलफगंज निवासी मो. हकीम ने बताया कि उनका 12 साल का बेटा आदिल दो वर्ष पहले ही पढ़ाई के लिए दिल्ली आया था। दो बेटे परवेज और गुलरेज यहां पहले से काम करते थे। वह उनके साथ ही रहता था। दिन में स्कूल जाता और रात में भाइयों के साथ सो जाता था। उनका 28 साल का दामाद इकलाख यहां डेढ़ महीने पहले ही काम पर लगा था। 
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delhi fire - फोटो : अमर उजाला
हकीम की बेटी तीन लड़कियों और एक लड़के की मां है। रविवार सुबह बड़े बेटे परवेज का फोन आया कि आग लग गई है। बचने का रास्ता नहीं है। इसके बाद हकीम ट्रेन पकड़कर यहां आ गए। बेटे आदिल और दामाद इकलाख की मौत हो गई है। बेटे परवेज और गुलरेज दोनों घायल हैं और लोकनायक अस्पताल के बर्न विभाग में भर्ती हैं।  
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