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तस्वीरों में देखें बारिश से आई आफत: गुरुग्राम में 4 घंटे की बारिश में डूबी तैयारियां...जलभराव से रेंगा यातायात

Thu, 04 Jul 2024 08:28 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
शहर में मानसून से पहले बरसाती नालों व सीवर की सफाई के काम में खानापूर्ति के कारण शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार भोर पहर बारिश के बाद दोपहर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यातायात रेंगने लगा। गांव नरसिंहपुर के पास हाईवे व सर्विस लेन पर जलभराव होने से दिल्ली से जयपुर की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा। सोहना हाईवे पर सुभाष चौक से लेकर वाटिका चौक तक दोनों ओर जलभराव हो गया। इस कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वाहन सवार लोग देरी से ऑफिस पहुंचे। जलभराव के चलते कई वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए।
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
शहर में सुबह 8 बजे तक 3.5 एमएम बारिश हुई। जलभराव के हालात यह रहे कि शहर के मुख्य मार्गों से करीब 3 घंटे बाद जाकर पानी की निकासी हो सकी। वहीं, कॉलोनियों में भी जलभराव रहा। इस कारण दोपहर तक सड़कों पर वाहन रेंगते रहे। गांव नरसिंहपुर के समीप पानी की निकासी के लिए जीएमडीए और एनएचएआई ने 10 पंप लगाए हुए हैं। बारिश बंद होते ही पानी की निकासी शुरू हो गई थी। सुभाष चौक से लेकर वाटिका चौक के बीच गुरुग्राम-सोहना हाइवे पर कई स्थानों पर जलभराव के चलते यातायात जाम के हालात रहे। इसी तरह इफको चौक पर वाहनों को सड़क पर जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा। पैदल निकलने वाले लोगों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी आई। सेक्टर-48 स्थित विपुल वर्ल्ड के सामने सड़क पर पानी भर गया। इस वजह से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

वहीं, शीतला माता रोड, खांडसा रोड, हीरा नगर, धर्मशाला वाली गली, राजेंद्र नगर में पानी भरने से पैदल चलना मुश्किल हो गया। वहीं, बस स्टैंड के अंदर व बाहर जलभराव हो गया। कैंटीन व प्लेटफार्मों के सामने जलभराव होने से यात्री परेशान होते रहे। इसके अलावा पटेल नगर, सेक्टर-45, आरडी सिटी, सेक्टर-21, ग्रीनवुड सिटी ब्लॉक-ए,बी,सी, सेक्टर-56, 57, सेक्टर-3,5,6 वजीराबाद, सेक्टर-51,52,55, बादशाहपुर, सिकंदरपुर, पालम विहार, विपुल वर्ल्ड ब्लॉक-बी,सी,डी, सेक्टर-4, 23ए 27, खाड़सा, भीमनगर, शिवाजी नगर, पटेल नगर, शीशपाल विहार समेत कई जगहों पर जलभराव रहा।
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
शहर में जलभराव के प्रमुख कारण
1. नाला व सीवर सफाई कार्य अधूरा: आमतौर पर मई में बरसाती नालों की सफाई को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार आचार संहिता का पेंच फंस गया। जिसके चलते नाला सफाई का काम समय पर शुरू नहीं हो सका। हालत यह है कि सभी वार्डों में नाला व सीवर सफाई का काम पूरा नहीं हो सका है। 
2. बदहाल सीवर व्यवस्था: शहर की सीवर व्यवस्था बदहाल हालत में हैं। काफी बड़े हिस्से की सीवर लाइन पुरानी हो चुकी हैं। सीवर लाइनें जगह-जगह पर चोक पड़ी हैं। कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त भी हैं। सीवर लाइनें सीवर का पानी लेकर जाने में अक्षम हैं, तो बारिश के पानी का दबाव कैसे झेल सकती हैं। 
3. एजेंसियों की मनमानी: आचार संहिता के चलते टेंडर प्रक्रिया रुकने पर पुरानी एजेंसियों से ही वार्ड स्तर पर नाला व सीवर की सफाई शुरू करा दी गई थी। चार जून के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई और नई एजेंसियों को काम सौंपा गया। सूत्रों की मानें तो एजेंसियों ने मानक के अनुसार मशीनरी व मैनपावर समेत अन्य संसाधानों को सफाई कार्य में नहीं लगाया। एक ही मशीन को पूरे वार्ड में घुमाकर कागजों पर सफाई कार्य पूरा कर दिया गया। नालों की ठीक से सफाई भी नहीं हुई।
4. बरसाती पानी के निकासी के इंतजाम नहीं: शहर की ज्यादातर सेक्टर, वार्डों व कॉलोनियों में बरसाती पानी की इंतजाम नहीं हैं। बदइंतजामी इस कदर है कि बरसाती नालों का काम समय पर पूरा नहीं हो सका है। जिन कॉलोनियों में बरसाती नाले हैं, उनकी सफाई नहीं हुई है। कई जगह बरसाती नालों को मुख्य लाइन से जोड़ा नहीं गया है। जिसके चलते इन कॉलोनियों का बरसाती पानी की निकासी सीवर लाइन से ही होती है। 

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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
112 संवेदनशील स्थानों पर 14 अधिकारियों की ड्यूटी
डीसी निशांत कुमार यादव ने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए 112 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करके क्षेत्रवार 14 वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। नियुक्त अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में जीएमडीए, नगर निगम मानेसर व गुरुग्राम सहित पुलिस व बिजली विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जलभराव की निकासी को भी सुनिश्चित करेंगे। इस पूरे अभियान के लिए एडीसी हितेश कुमार मीणा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
इन इलाकों में रहा जलभराव
पटेल नगर, सेक्टर-45, आरडी सिटी, सेक्टर-21, ग्रीनवुड सिटी ब्लॉक-ए,बी,सी, सेक्टर-56, 57, सेक्टर-3,5,6 वजीराबाद, सेक्टर-51,52,55, बादशाहपुर, सिकंदरपुर, पालम विहार, विपुल वर्ल्ड ब्लॉक-बी,सी,डी, सेक्टर-4, 23ए 27, खाड़सा, भीमनगर, शिवाजी नगर, पटेल नगर, शीशपाल विहार समेत कई जगहों पर जलभराव रहा।

इन स्थानों पर हुई बारिश
गुरुग्राम- 2.5 मिमी
कादीपुर-2.0 मिमी 
हरसौल-2.0 मिमी
वजीराबाद-5.0 मिमी
बादशाहपुर-4.0 मिमी
सोहना-4.0 मिमी
मनेसर-8.0 मिमी
फर्रुखनगर-2.0 मिमी
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल व कॉलेज में जलभराव से परेशानी
गुरुवार को हुई बारिश से शहर के नागरिक अस्पताल में भी जलभराव हो गया। अस्पताल में जलभराव एंट्रेस गेट पर पार्किंग के पास हुआ जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों सहित तीमारदारों को परेशानी हुई। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों ने बताया कि अस्पताल में हल्की बारिश के बाद ही जलभराव हो जाता है। जलभराव से जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों व तीमारदारों ने जलभराव की समस्या का समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा सेक्टर-9 स्थित राजकीय महाविद्यालय के एंट्रेस पर भी जलभराव हो गया। जलभराव के चलते एडमिशन के लिए आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि नगर निगम ने सड़क ऊंची बना दी है जिसके चलते बारिश का पानी कॉलेज के एंट्रेस गेट पर जमा हो जाता है जिससे परेशानी होती है।

स्कूलों में रेनी-डे, ऑफिस देर से पहुंचे लोग
भोर पहर करीब चार बजे शुरू हुई बारिश सुबह करीब 8 बजे तक जारी रही। जिसके बाद शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया। जाम व जलभराव के चलते कई स्कूलों ने रेनी-डे कर दिया। घरों से ऑफिस के लिए निकले लोगों को जलभराव के साथ जाम से भी जूझना पड़ा। जलभराव में कार व स्कूटी बंद होने से परेशानी हुई। जिसके चलते लोग देरी से ऑफिस पहुंचे। 
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गुरुग्राम में बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला
टूटे मेनहोल ढक्कन से कई चुटहिल
सेक्टर-9ए में पालम विहार एक्सटेंशन के गेट-2 के सामने बीच मेनहोल का ढक्कन टूट गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर जलभराव होने से वाहन चालकों को क्षतिग्रस्त ढक्कन नहीं दिखा। जिसके चलते कई दोपहिया वाहन सवार हादसे को शिकार हुए। मेनहोल में टायर घुसने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। लोगाें ने जलभराव से निजात दिलाने के साथ ही ढक्कन लगवाने की मांग की है। 

जलभराव तो यहां करें शिकायत 
मानसून के दौरान जलभराव की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नं. 7290076135 तथा 7290088127 जारी किए गए हैं। निगम अधिकारी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबरों पर 24 घंटे सक्रिय रहते हैं। शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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बारिश से कहीं आफत तो कहीं राहत - फोटो : अमर उजाला
बारिश के दौरान फील्ड पर रहेंगे जेई और एई 
ओल्ड दिल्ली रोड़ व बसई-गढ़ी रोड़ पर ड्रेन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। निगमायुक्त ने बताया कि बारिश के दौरान सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों को फील्ड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि स्थिति के अनुसार समाधान हो सके। सीवरेज के अतिरिक्त ढ़क्कन भी टीम के साथ रखने को कहा गया है, ताकि टूटे ढक्कनों को तुरंत ही बदला जा सके। 

जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पानी निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में मैनपावर व मशीनरी की व्यवस्था है। इनमें 62 सक्शन टैंकर, 61 ट्रैक्टर माउंटिड पंप, 25 डीजल इंजन सहित पर्याप्त संख्या में मैनपावर मौजूद है। -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, निगमायुक्त, नगर निगम गुरुग्राम
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