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शहीद कैप्टन कपिल कुंडू की वायरल हो रही ये आखिरी कविता, पढ़ कर हो जाएंगे भावुक

Tue, 06 Feb 2018 01:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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kapil kundu
रव‌िवार को पाक‌िस्तान की फायरिंग में कैप्टन कप‌िल कुंडू शहीद हो गए। मालूम हो क‌ि उनके द्वारा लिखी गई आखिरी कविता तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
 
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kapil kundu - फोटो : फेसबुक प्रोफाइल
पटौदी के रंसिका गांव के रहनेवाले कैप्टन कुंडू बच्चों से बहुत प्यार करते थे। वह हमेशा उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया करते थे।
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kapil kundu - फोटो : प्रेमचंद पालमी
उनकी मां का कहना है कि उन्हें अपने देश से बहुत प्यार था और वह बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहते थे।

 

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kapil kundu
बता दें कि कैप्टन कुंडू को कव‌िता ल‌िखने का भी शौक था। 
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captain kapil kundu - फोटो : social media
उन्होंने 'पागल द‌िवाना' नाम की कव‌िता लिखी थी। उन्होंने इस कव‌‌िता में देश के जवानों के बारे में जिक्र किया है और उनके मजबूत हौसले के बारे में लिखा है।
       
               ......'पागल द‌िवाना'.........

.......... अपने लहु से स‌िंचा है उन परवानों ने........यूंही नहीं ये वाद‌ियां जन्नत कहलाती हैं................

.........  आज भी खड़ी है रूह-ए-अश‌िक इन सरहदों पे......आजमाना है किसी को अपना जोर तो आए........

........पूछा खुदा ने काफी कत्ल किए हैं उस जहान में........बोला,आश‌िक-ए-वतन हूं गुनाहों की हर सज़ा मंजूर है........

.......करके नम अपने चसम, बोले निज़ाम-ए-आलम.........ऐसे दलेर आश‌िक से पहली दफ़ा पाला पड़ा है.........

........बोला, खुदा कतार बहुत लंबी है अभी आने वालों की.......कमीं नहीं है मेरे मुल्क में उस पर मर म‌िटने वालों की.....
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