मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बेशक क्रिसमस पर्व का हवाला देते हुए सोमवार को मजेंटा मेट्रो लाइन के उद्घाटन में निमंत्रण नहीं मिलने पर चुप्पी साधे रखी। लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहली बार खुलकर बोले। सोशल मीडिया पर सिसोदिया ने इसे दिल्ली की जनता का अपमान तक बता डाला।
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- फोटो : विवेक निगम
दिल्ली के सेकरेड हार्ट कैथेड्रल चर्च पहुंचे केजरीवाल से मेट्रो उदघाट्न समारोह पर सवाल किया गया। लेकिन उन्होंने कहा कि आज क्रिसमस का मौका है और वह चर्च में खड़े हैं। लिहाजा यहां सियासत करना ठीक नहीं है।
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लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मजेंटा लाइन पर मेट्रो जिन 9 स्टेशनों से गुजरेगी, उसके 7 स्टेशन दिल्ली में हैं। मेट्रो का आधा पैसा दिल्ली सरकार देती है। उद्घाटन में देश के प्रधानमंत्री व यूपी मुख्यमंत्री समेत सब को बुलाया गया। तकलीफ बस दिल्लीवाले (अरविंद केजरीवाल) से है। सब स्वीकार, पर दिल्ली की जनता को तो मत लूटो।
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इसे रिट्वीट करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लिखा कि मेट्रो का किराया बढ़ाने वालों को केजरीवाल से डर लगता है। सिसोदिया ने आगे लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को नहीं बुलाना दिल्ली की जनता का अपमान है। ना बुलाने की केवल एक ही वजह है। इन्हें डर था कि कहीं केजरीवाल प्रधानमंत्री से जनता के लिए मेट्रो किराये कम करने की मांग ना कर दें।
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- फोटो : लाल सिंह
आप नेताओं का कहना है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार की शह पर 6 महीने में 3 बार मेट्रो का किराया बढ़ा है। दिल्ली सरकार लगातार इसका विरोध कर रही है। किराया कम करने की गुजारिश कर रही है, लेकिन मोदी सरकार इस पर गौर नहीं कर रही है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार नागेंद्र शर्मा कहते हैं कि असल मसला उचित दामों में यात्रियों को मेट्रो से सफर कराना है। यह नहीं कि चुनी हुई दिल्ली सरकार को नई लाइन की शुरुआत में प्रतिनिधित्व दिया जाए, जिसका डीएमआरसी में 50 फीसदी हिस्सा है और दिल्ली में इसके 7 स्टेशन आते हैं।