फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नस्लभेदी टिप्पणी पर बोलीं मोनिका 'हमारे साथ हर रोज ऐसा होता है'

Mon, 11 Jul 2016 01:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
आईजीआई एयरपोर्ट पर मणिपुर की युवती के साथ हुई नस्लभेदी टिप्पणी की घटना के बाद मोनिका ने फेसबुक पर अपनी आपबीती सुनाई। इसके अगले दिन ही मोनिका ने लिखा कि क्या-क्या होता है नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ।
विज्ञापन

2 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
पिछली रात मैने अपने साथ हुई दिल्ली एयरपोर्ट की घटना का की भड़ास फेसबुक पर निकाली थी। मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि वो कुछ ही समय में वायरल हो जाएगी, क्योंकि कुछ न्यूज एजेंसियों ने उस न्यूज को उठाया। बहुत सारे लोग मेरे साथ आए और मुझे सपोर्ट किया जिसके लिए शुक्रिया।
विज्ञापन

3 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
लेकिन मुझे मेरे पोस्ट पर कुछ ऐसे कमेंट भी मिले जो कह रहे थे कि मैं पागल लड़की हूं। ये जातिवादी टिप्पणी नहीं हैं। बस इमिग्रेशन के अधिकारियों ने कुछ सवाल पूछे थे। पीड़िता होने का दावा ना करें। (उदारवादी लोगों कृपया नस्लवाद पर लैक्चर ना दें, ये फिर कभी)

4 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
सीधे तौर पर मेरा मानना है कि मुझे इससे आपत्ति नहीं होती अगर वो मेरी ट्रिप से संबंधित सवाल करते कि किस कांफ्रेंस में मुझे जाना है और वहां मैं कितने दिन रहूंगी या फिर आप कहां काम करती हैं। आपको फंड कहां से होता है। हालांकि इस सवाल से भी मुझे आपत्ति नहीं होती मैं कहां की रहने वाली हूं।
विज्ञापन

5 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
लेकिन ये सही नहीं है कि आप मालिकों की तरह व्यंगात्मक मुस्कान लेकर पूछें कि 'भारत में कितने राज्य हैं'। उन राज्यों के नाम बताइए जो मणिपुर की सीमा पर हैं। ये ट्रिप से संबंधित सवाल नहीं है और ना ही मैं कोई बच्ची हूं। मुझे इस बात का भी पछतावा है कि मैने उस वक्त मामले को नहीं उठाया क्योंकि मेरे पास वक्त नहीं था।
विज्ञापन

6 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
मुझे चिंता हो रही थी कि वो मेरे वीजा पर स्टांप लगाएंगे या नहीं। मैं इस वक्त अपने प्रोग्राम के लिए सिओल में हूं। मेरा व्यस्त कार्यक्रम है जिसकी वजह से मैं कुछ करने की स्थिति में नहीं हूं।
विज्ञापन

7 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
मैं अपने 15 दिन के निर्धारित कार्यक्रम के बाद लौटूंगी, जिसके बाद ही मैं कुछ कर पाउंगी। मै उस अधिकारी का नाम नहीं जानती, लेकिन आईजीआई एयरपोर्ट पर मेरा एक मित्र है जिसने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज से हम उस अधिकारी को ढूंढ लेंगे।

8 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
मेरे जैसे कितने लोग जो नॉर्थ ईस्ट के हैं लगातार इस तरह के व्यंगात्मक नस्लभेदी टिप्पणियों को झेलते हैं। कभी-कभी तो आप सही तरह से बता भी नहीं सकते, बस महसूस कर पाते हैं।
विज्ञापन

9 of 9
मोनिका - फोटो : सोशल मीडिया
नॉर्थ ईस्ट के लोग रिक्शेवालों द्वारा रोज ही इस तरह की टिप्पणियों का शिकार होते हैं। लेकिन उस बात आप क्या कर सकते हैं जब आपको रोज ही दुनिया के अलग-अलग तरह के लोगों से काम पड़ता है। अगर आप ही संवेदनशील नहीं हो सकते तो हम और लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें