दोपहर 12.40 बजे, चीखता चिल्लाता, बदहवास रेहान अपने घर की दूसरी मंजिल की तरफ भागा। भतीजे की चीख सुनकर चाचा फरमान भी फ्लैट से बाहर निकल आए। सामने आने पर भतीजा ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा था। फ्लैट की तरफ बार-बार कर रहे इशारे से फरमान भतीजे के साथ तीसरी मंजिल पर पहुंचे। वहां लहूलुहान फर्श को देखा तो होश उड़ गए। दो भतीजी, भाभी और बड़ा भाई सभी मौत के आगोश में थे। कर्ज के बोझ तले इस कदर दब गया कि अपने फर्ज को नहीं निभा सके।