फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्ज पर भारी पड़ा कर्ज: एक साथ लील गया चार जिंदगियां, सवालों के जवाब में दफन है मौत का राज

Fri, 15 Jul 2022 10:49 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
इसरार, पत्नी फरहीन व दो बेटियां यशफिका और इनाया - फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12.40 बजे, चीखता चिल्लाता, बदहवास रेहान अपने घर की दूसरी मंजिल की तरफ भागा। भतीजे की चीख सुनकर चाचा फरमान भी फ्लैट से बाहर निकल आए। सामने आने पर भतीजा ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा था। फ्लैट की तरफ बार-बार कर रहे इशारे से फरमान भतीजे के साथ तीसरी मंजिल पर पहुंचे। वहां लहूलुहान फर्श को देखा तो होश उड़ गए। दो भतीजी, भाभी और बड़ा भाई सभी मौत के आगोश में थे। कर्ज के बोझ तले इस कदर दब गया कि अपने फर्ज को नहीं निभा सके।
विज्ञापन

2 of 5
घटनास्थल पर मौजूद परिजन रोते बिलखते - फोटो : अमर उजाला
जींस कारोबारी फरहान ने अपनी दो बेटियों और पत्नी की हत्या के बाद खुद को भी गोली मार ली। गोलियों ने परिवार की बची खुशियां भी छीन ली। शुक्रवार को मौत के इस मंजर को देखने से पहले इसरार के दोनों बेटे बगल के कमरे में सो रहे थे। जागने पर देखा तो अम्मी, अब्बा और दोनों बहनें हमेशा के लिए नींद में सो गए थे। 
विज्ञापन

3 of 5
इसरार व पत्नी फरहीन - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारी के मुताबिक कारोबार में हुए नुकसान के बाद इसरार ने ऐसा कदम उठाया। वीडिया में भी कारोबारी ने घाटे को मौत का कारण बताया। पुलिस के मुताबिक कारोबारी ने खुद को गोली मारने से पहले तीनों को जहरीला पदार्थ खिलाया। यानी उनकी मौत होने का इंतजार किया और फिर गोलियां दागने के बाद खुद को खत्म कर दिया।

4 of 5
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
सवालों के जवाब में दफन है मौत का राज
कारोबारी इसरार (40), पत्नी फरहीन (38) दो बेटियां यशफिका (11) व इनाया (9) की मौत से जाफराबाद में आसपास के परिवारों का दिल दहल गया। जींस कारोबारी को इस वारदात के लिए पिस्टल किसने दिलवाई, गोली की आवाज किसी को सुनाई क्यों नहीं दी जैसे सवालों के जवाब में चारों मौतों का राज दफन हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
यशफिका और इनाया - फोटो : अमर उजाला
हैरानी की बात यह कि मकान की निचली मंजिलों पर रहने वाले इसरार के माता-पिता और भाई समेत परिवार के दूसरे सदस्यों को पिस्टल की आवाज तक नहीं सुनाई पड़ी। वहीं, बच्चे भी बगल के कमरे में सोते रहे। इसका पता भी शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे उस वक्त चला, जब कारोबारी का बेटा रेयान नींद से जागा। पिता के कमरे में पहुंचकर जो कुछ देखा, ताउम्र उसे नहीं भूल सकेगा। बिस्तर पर अम्मी और अब्बा तो फर्श पर दो बहने अचेत थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें