फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में आप-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदें क्यों बेहद कम, 5 कारण

Wed, 10 Apr 2019 06:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 9
rahul kejriwal
दिल्ली में आप-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर चल रही ऊहापोह खत्म होने का नाम नहीं ले रही। कल तक जहां यह माना जा रहा था कि राजधानी में आप-कांग्रेस का गठबंधन तय है वहीं आज सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि दोनों पार्टियों का साथ आना मुश्किल ही है। यानी गठबंधन नहीं होगा। आगे पढ़ें क्या हो सकती है इस गठबंधन के बनते-बनते रह जाने की वजह...
विज्ञापन

2 of 9
राहुल-केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
अब तक पार्टी सूत्रों से आ रही खबर के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच 4-3 के सूत्र पर सीटों का बंटवारा हुआ था। इसके तहत आप 4 सीटों पर और कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। चूंकि आप ने दिल्ली में कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटें दी थीं इसलिए वह हरियाणा में तीन सीटें मांग रही थी, जिस पर सहमति नहीं बन सकी।
विज्ञापन

3 of 9
आप कांग्रेस गठबंधन पर दो दिनों में हो सकता है एलान - फोटो : पीटीआई
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि हरियाणा कांग्रेस ने राज्य में आम आदमी पार्टी को एक भी सीट देने से मना कर दिया है। यही वजह है कि आप ने कांग्रेस से दूरी बना ली है और गठबंधन उन्हीं शर्तों पर करने को राजी है जब कांग्रेस उसकी शर्त मान ले। कांग्रेस के उच्चस्तरीय सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को एक बड़ी बैठक हुई थी जिसमें गठबंधन की संभावनाओं को खत्म कर दिल्ली में सभी सीटों पर अपने नेताओं से चुनाव लड़ने को तैयार रहने के लिए कहा है।

4 of 9
sheila dixit- arvind kejriwal - फोटो : social media
गठबंधन टूटा तो नेता किस मुंह से मांगेंगे वोट
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि गठबंधन के बाद कांग्रेस का विधानसभा की तीस सीटों पर दावा बनेगा। क्या आप विधानसभा में इतनी सीटें कांग्रेस को देगी। यह संभव नहीं है। ऐसे में कांग्रेस को विधानसभा का चुनाव अपने स्तर पर लड़ना पड़ेगा। एक साल में ही गठबंधन टूटेगा और फिर हम किस प्रकार से आप के खिलाफ वोट मांगने मतदाताओं के पास जाएंगे।
 
विज्ञापन

5 of 9
Arvind Kejriwal with Sheila Dikshit
आप के खिलाफ माहौल कांग्रेस के लिए शुभ संकेत
कांग्रेस के कई नेताओं का यह भी मानना है कि जिस प्रकार दिन प्रति दिन दिल्ली में आप के खिलाफ माहौल बन रहा है, वह आने वाले समय में कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है। ऐसे में गठबंधन कांग्रेस की दिल्ली में वापसी में बाधा बनेगा। इसके अलावा आप की 49 दिन की सरकार बनवाकर कांग्रेस को क्या मिला, कांग्रेस पहली बार दिल्ली में जीरो पर पहुंच गई।
विज्ञापन

6 of 9
kejriwal sheila dikshit
अगर दो सीटें भी जीती कांग्रेस तो उसे नहीं होगा फायदा
आप से गठबंधन पर प्रदेश के अधिकांश बड़े नेता खिलाफ रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति के चलते जब गठबंधन की बात चली तो सभी ने एकमत से निर्णय राहुल गांधी पर छोड़ दिया। चार-तीन सीट के फार्मूले पर रजामंदी बनी तो आप ने हरियाणा व पंजाब का पेंच फंसा दिया। इसके अलावा आप ने प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित सभाओं में भाजपा सहित कांग्रेस पर भी आक्रामक रुख अपना रखा है। दिल्ली के एक पूर्व सांसद का कहना है कि एक तरफ गठबंधन की बात दूसरी तरफ भाषणों में कांग्रेस के खिलाफ अभियान से कांग्रेसी कार्यकर्ता हताश हैं। उनका कहना है कि हमने तीन सीटें ले भी ली और दो पर विजय हासिल कर ली तो भी कांग्रेस को ज्यादा फायदा मिलने वाला नहीं है।
विज्ञापन

7 of 9
rahul kejriwal - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से राजकुमार चौहान, चांदनी चौक से कपिल सिब्बल, पश्चिम दिल्ली से महाबल मिश्रा, नई दिल्ली से अजय माकन, दक्षिण दिल्ली से रमेश कुमार, पूर्वी दिल्ली से संदीप दीक्षित या शीला दीक्षित, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से जयप्रकाश अग्रवाल चुनाव लड़ सकते हैं। खबर है कि सिख दंगों में सजा काट रहे सज्जन के भाई पूर्व सांसद रमेश कुमार ने अपने भतीजे जगप्रवेश का नाम आगे किया था। लेकिन सज्जन के बेटे पर समहति नहीं बन सकी और फिर रमेश को टिकट देने का अंतिम फैसला लिया गया। अब माना जा रहा है कि कभी भी कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची आ सकती है।

8 of 9
rahul kejriwal
क्या कहते हैं आंकड़े
अगर 2014 लोकसभा चुनाव के आंकड़े देखें तो दिल्ली में भाजपा को 46.63 प्रतिशत वोट मिले थे और पार्टी ने सातों सीटों पर कब्जा जमाया था। इसके मुकाबले आप को 33.08 प्रतिशत वोट मिले थे और कांग्रेस को 15.22 फीसदी वोट मिले थे। अगर आप और कांग्रेस का वोट प्रतिशत जोड़ा जाए तो ये 48 प्रतिशत से ज्यादा होगा। इस तरह अगर दोनों पार्टियां साथ मिलकर लड़ें तो भाजपा को हराने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन

9 of 9
rahul gandhi sheila dikshit pc chako - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस का सर्वे कहता है- होना चाहिए गठबंधन
कांग्रेस पार्टी ने एक सर्वे किया था जिसके हिसाब से भाजपा को 35 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं जबकि आप को 28 फीसदी और कांग्रेस को 22 फीसदी वोट मिल रहे हैं। अगर दिल्ली में गठबंधन हो तो सातों सीटें गठबंधन के खाते में आने की बात सर्वे में है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें