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कोई दीवाना कहता है.. लिखने वाले कवि का आज है जन्मदिन, नहीं जानते होंगे उनकी ये बातें

Sat, 10 Feb 2018 02:59 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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kumar vishwas
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है। मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है। मैं तुझसे दूर कैसा हूं, तू मुझसे दूर कैसी है। ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है। इस कविता की पंक्तियां और इसका लेखक आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वर्तमान समय में हिंदी के सबसे प्रसिद्ध कवियों में से एक कुमार विश्वास की इन पंक्तियों से हमने अपनी स्टोरी की शुरुआत इसलिए की है क्योंकि आज सबके चहेते कुमार विश्वास का 47वां जन्मदिन है। ना सिर्फ अपनी कविताओं बल्कि राजनीतिक स्टैंड के लिए भी चर्चाओं में रहने वाले कुमार विश्वास के बारे में आज हम आपको कई ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो निश्चित ही आप नहीं जानते होंगे... (सभी फोटोः कुमार विश्वास ट्विटर अकाउंट)
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
10 फरवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के पिलखुआ में जन्मे कुमार विश्वास ने साल 1994 में राजस्थान के एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में अपना करियर शुरू किया। वर्तमान समय के हिंदी कवियों में से सबसे व्यस्त रहने वाले कुमार विश्वास कविताएं पाठ करने के अलावा कई पत्रिकाओं में भी लिखते हैं।
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
इनके पिता का नाम डॉ. चंद्रपाल शर्मा हैं, जो आरएसएस डिग्री कॉलेज में प्रध्यापक हैं और मां का नाम रमा शर्मा है। वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। विश्वास ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लाला गंगा सहाय विद्यालय से की और राजपुताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से 12वीं पास की है।

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kumar vishwas
एक मध्यवर्गीय पिता की तरह कुमार विश्वास के पिता भी चाहते थे कि वो इंजीनियर बनें लेकिन बेटे का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। कुछ अलग करने की चाह में विश्वास ने बीच में ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी। बाद में उन्होंने हिंदी साहित्य में स्वर्ण पदक के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की।
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
एमए करने के बाद उन्होंने 'कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना' विषय पर पीएचडी पूरी की। उनका शोधकार्य इतना बेहतरीन था कि उन्हें इसके लिए 2001 में पुरस्कार से भी नवाजा गया।लेक्चरर और कवि होने के साथ ही कुमार विश्वास ने हिंदी सिनेमा में गीतकार व एक्टर की भी भूमिका निभाई है। विश्वास ने आदित्य दत्त की फिल्म 'चाय गरम' के लिए अभिनय भी किया है।
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
आपको जानकर हैरानी होगी कि पैसे बचाने के लिए कुमार विश्वास क्या किया करते थे। शुरुआती दिनों में जब वह कवि सम्मेलनों से देर से लौटते थे, तो पैसे बचाने के लिए ट्रक से लिफ्ट ले लिया करते थे। 
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
2011, अगस्त में जब अन्ना हजारे ने 'जनलोकपाल आंदोलन'के लिए टीम गठित की तो वो इसके सक्रिय सदस्य रहे। कुमार 26 जनवरी, 2012 को गठित टीम 'आम आदमी पार्टी' के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। कुमार विश्वास 2014 में हुए आम चुनाव में राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि इसमें उन्हें असफलता का मुंह देखना पड़ा था।

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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
प्रसिद्ध लेखक धर्मवीर भारती ने कुमार विश्वास को अपनी पीढ़ी का सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला कवि कहा था। प्रसिद्ध हिंदी गीतकार नीरज ने उन्हें 'निशा-नियाम' की संज्ञा दी है।विश्वास की कविताएं पत्रिकाओं में छपने के साथ ही उनके दो काव्य-संग्रह भी छप चुके हैं। इनके नाम हैं- 'एक पगली लड़की के बिन' और 'कोई दीवाना कहता है'। बता दें कि कुमार विश्वास कई कॉलेजों में भी परफॉर्मेंस देने के लिए जाते रहते हैं। युवाओं के बीच उनकी कविताओं की भारी पैठ है।

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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
कुमार विश्वास की सबसे लोकप्रिय कविताओं में- 'कोई दीवाना कहता है', 'तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाऊंगा', 'ये इतने लोग कहां जाते हैं सुबह-सुबह', 'होठों पर गंगा है' और 'सफाई मत देना' हैं। कुमार विश्वास को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। इनमें साल  1994 में मिला 'काव्य कुमार', 2004 में मिला 'डॉ सुमन अलंकरण' अवार्ड, 2006 में मिला 'श्री साहित्य' अवार्ड और 2010 में 'गीत श्री' अवार्ड प्रमुख हैं।
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kumar vishwas - फोटो : सोशल मीडिया
सिर्फ देश ही नहीं कुमार विश्वास की कविताओं के फैन विदेश में भी हैं। वह अमेरिका, दुबई, सिंगापुर और जापान जाकर कविताओं का पाठ कर चुके हैं।
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