वर्ल्ड क्लास स्टेडियम होने का दावा करने वाला दिल्ली का फिरोजशाह कोटला स्टेडियम विकलांग लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम है। 50 हजार से ज्यादा लोगों की क्षमता होने के बावजूद यहां एक निशक्त क्रिकेट फैंस के लिए सिवाय परेशानी और बेरुखी के आपको कुछ नहीं मिलेगा। (साभारः टाइम्स ऑफ इंडिया)
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IPL के चौके-छक्कों के बीच किसी ने नहीं सुनी इनकी आवाज
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दिल्ली मैच देखने आए क्रिकेट फैन अबिदी का कोटला में मैच का अनुभव बेहद खराब रहा। अबिदी ने अपने और भतीजे के लिए 2000 रुपए खर्च कर टिकट खरीदा। चौंकाने वाली बात ये है कि कोटला पर VIP लोगों के लिए तो कार पार्किंग की व्यवस्था है। लेकिन निशक्त जनों के लिए कोई पार्किंग नहीं है।
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स्टेडियम में जगह-जगह सीढ़ीयां तो हैं, लेकिन रैम्प कहीं नजर नहीं आएगा। जिसके चलते अबिदी के भतीजे को व्हील चेयर सीढ़ियों पर उठाना पड़ा। जबकि अधिकारी इन सुविधाओं की तुलना मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम से करने से नहीं चूकते।
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शौचालय और वॉशरूम के हालात भी लगभग ऐसे ही हैं। वॉटर टैप्स और अन्य फिटिंग में भी विकलांग लोगों का ध्यान नहीं रखा गया है।
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यूं तो अबिदी को टिकट खरीदने से पहले बी-साउथ साइड के स्टैंड पर जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन आश्वासन के अनुरूप वहां भी कुछ नहीं था। सीटिंग एरिया में रैम्प ना होने के कारण वहां इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।